किसानों के हक में तीसरे दिन भी चली पदयात्रा : चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी की खुदाई की मांग, बोले- 'नदी नहीं खुदी तो घेरेंगे कलेक्ट्रेट'
मुगलसराय विधानसभा इलाके में पूर्व सांसद राम किशुन यादव के नेतृत्व में किसानों की समस्याओं को लेकर पदयात्रा निकाली गई। नदियों की खुदाई और फसलों के उचित दाम की मांग करते हुए सपा ने चेतावनी दी कि समाधान न होने पर जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
तीसरे दिन की पदयात्रा संपन्न
गढ़ई और चंद्रप्रभा नदी खुदाई की मांग
किसानों की बदहाली पर जताया रोष
बिचौलियों द्वारा शोषण रोकने की अपील
जिला मुख्यालय घेरने की दी चेतावनी
चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी द्वारा मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र में जन समस्याओं और किसानों की बदहाली के खिलाफ शुरू की गई पदयात्रा तीसरे दिन भी जारी रही। पूर्व सांसद राम किशुन यादव के नेतृत्व में यह यात्रा महदेउर पंप कैनाल से प्रारंभ हुई, जो सलेमपुर, अकोहा खुर्द, शिवपुर और मधुपुर होते हुए पड़या पुल पर एक विशाल जनसभा के रूप में समाप्त हुई। रास्ते में जगह-जगह किसानों और मजदूरों ने माल्यार्पण कर यात्रियों का जोरदार स्वागत किया।

नदियों की खुदाई और किसानों की उपेक्षा पर प्रहार
पड़या पुल पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद राम किशुन यादव ने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चंद्रप्रभा नदी, गढ़ई नदी और उनसे संबंधित नालों की खुदाई समय पर न होना प्रशासन की घोर लापरवाही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सिल्ट सफाई और खुदाई का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी हजारों किसानों के साथ जिला मुख्यालय का घेराव करेगी और ईंट से ईंट बजा देगी।
किसानों की आर्थिक बदहाली पर चिंता
राम किशुन यादव ने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज का किसान मौसम की अनिश्चितता, बाढ़ और सूखे की दोहरी मार झेल रहा है। "एक तरफ फसलें तबाह हो रही हैं, तो दूसरी तरफ बिचौलिये किसानों की मेहनत का उचित दाम डकार रहे हैं। इसी शोषण के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबा है और कहीं-कहीं तो उसे आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है," उन्होंने भावुक स्वर में कहा।
इन दिग्गजों ने बढ़ाया पदयात्रा का मान
इस पदयात्रा और जनसभा में क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं ने शिरकत की। इनमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबूलाल यादव, प्रेमनाथ तिवारी, जिला पंचायत सदस्य लौ बिहार, रामाश्रय प्रधान, राम सकल यादव, लखनदार बिहार, गणेश यादव, महेंद्र यादव और सुरेंद्र सिंह शामिल रहे। साथ ही पारस बिन्द, पवन मिश्रा, दयाराम यादव, जोगिंदर यादव, मुलायम सिंह यादव, नायाब लाइन और यासीन सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि किसानों के हितों से खिलवाड़ बंद किया जाए।
प्रशासन की जिम्मेदारी होगी तय
सभा के माध्यम से एक बार फिर चेतावनी दी गई कि आंदोलन की सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। सपा नेताओं का कहना है कि यह केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि उन हजारों किसानों की आवाज है जो अपनी जमीन और फसल को बचाने के लिए शासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। पदयात्रा की समाप्ति के बाद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और अब सबकी नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
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