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यूपी फुटबॉल का नया स्वर्णिम दौर: एफसी बनारस बागपत बनी आई-लीग 3 चैंपियन, डेब्यू सीजन में रचा इतिहास

उत्तर प्रदेश की एफसी बनारस बागपत ने प्रोफेशनल फुटबॉल मंच पर इतिहास रच दिया है। मार्च 2026 में स्थापित इस क्लब ने अपने पहले ही प्रयास में आई-लीग 3 चैंपियनशिप का राष्ट्रीय खिताब जीतकर एक दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

 
 

एफसी बनारस बागपत बनी आई-लीग 3 की नेशनल चैंपियन

मार्च 2026 में स्थापित क्लब ने दो महीने में जीता खिताब

मुगलसराय निवासी सबसे युवा हेड कोच विवेक सिंह का कमाल

डेब्यू सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनने वाली यूपी की पहली टीम

प्रेसिडेंट अखिलेश कुमार सिंह के कुशल प्रबंधन को मिला बड़ी जीत का श्रेय

उत्तर प्रदेश के खेल और फुटबॉल के इतिहास में एक नया तथा बेहद स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। राज्य की उभरती हुई फुटबॉल टीम 'एफसी बनारस बागपत' ने अपने पहले ही प्रयास में आई-लीग 3 चैम्पियनशिप का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर खेल जगत में इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही यह टीम पूरे उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फुटबॉल टीम बन गई है, जिसने भारत के अधिकारिक और प्रोफेशनल फुटबॉल मंच पर अपने पदार्पण (डेब्यू) सीज़न में ही चैंपियन बनने का गौरवशाली गौरव हासिल किया है। इस अभूतपूर्व खिताबी जीत के बाद राज्य के खेल गलियारों में जश्न का माहौल है।

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स्थापना के महज कुछ महीनों के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर अनोखा रिकॉर्ड
इस ऐतिहासिक खिताबी सफर की सबसे खास और दिलचस्प बात यह रही कि इस क्लब की स्थापना इसी वर्ष मार्च 2026 में की गई थी। महज कुछ ही महीनों के संक्षिप्त अंतराल के भीतर, मई 2026 में ही टीम ने पूरे भारत में चैंपियनशिप का खिताब जीतकर एक अनोखा और अविश्वसनीय रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, इतने कम समय के भीतर किसी भी बिल्कुल नए फुटबॉल क्लब का राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनना भारतीय फुटबॉल के इतिहास में बेहद दुर्लभ और विस्मयकारी माना जा रहा है।

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मुगलसराय निवासी देश के सबसे युवा हेड कोच विवेक सिंह की कुशल रणनीति
टीम की इस ऐतिहासिक और जादुई सफलता के पीछे सबसे बड़ा और मुख्य योगदान मुगलसराय (चंदौली) के रहने वाले युवा हेड कोच विवेक सिंह का माना जा रहा है। अपनी आधुनिक खेल शैली, कुशल दूरदर्शी रणनीति और एक बेहद मजबूत टीम सिस्टम के दम पर उन्होंने अपने पहले ही सीज़न में इस नई टीम को आई-लीग 3 का चैंपियन बना दिया। इस बड़ी खिताबी जीत के साथ ही विवेक सिंह उत्तर प्रदेश और पूरे भारत के उन सबसे युवा फुटबॉल कोचों की सूची में शीर्ष पर शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में इतनी बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है।

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युवा प्रबंधन और स्वतंत्र निर्णय का दिखा मैदान पर असर
मुख्य कोच विवेक सिंह ने टीम की इस शानदार और ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय क्लब के प्रेसिडेंट और टीम मालिक अखिलेश कुमार सिंह के बेहतरीन विजन को दिया है। उन्होंने बताया कि क्लब प्रबंधन ने शुरुआती दौर से ही सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ पर अपना पूरा भरोसा जताया और सभी को स्वतंत्र रूप से अपनी रणनीति के तहत काम करने का खुला अवसर दिया, जिसका सकारात्मक परिणाम आज पूरे देश के सामने है। इसके साथ ही एफसी बनारस बागपत अब भारत की पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने सबसे युवा कोच और सबसे युवा प्रबंधन के संयोजन के साथ आई-लीग 3 का खिताब अपने नाम किया है।

क्लब के प्रमुख स्तंभ और भविष्य की उम्मीदें
टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में इसके समर्पित प्रबंधन तंत्र की अहम भूमिका रही है, जिसकी मुख्य संरचना इस प्रकार है:

मुख्य कोच: विवेक सिंह

टीम मालिक / प्रेसिडेंट: अखिलेश कुमार सिंह

अकादमी प्रबंधक: आशुतोष कुमार सिंह

टीम प्रबंधक: ईशु उत्कर्ष

एफसी बनारस बागपत की यह ऐतिहासिक और शानदार जीत सिर्फ एक फुटबॉल क्लब की सफलता मात्र नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश फुटबॉल के बड़े सपनों, उनके कड़े संघर्ष और राज्य की उभरती हुई नई खेल पीढ़ी की एक सामूहिक जीत मानी जा रही है। स्थानीय खेल प्रेमियों और जानकारों का दृढ़ विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह बड़ी उपलब्धि भारतीय फुटबॉल के परिदृश्य में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में सदैव याद की जाएगी।

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