गड़ई नदी की खुदाई में लापरवाही देख भड़के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, मुख्य अभियंता को फोन पर लगाई फटकार
चंदौली के नियामताबाद में गड़ई नदी की खुदाई में मिल रही अनियमितताओं को लेकर पूर्व सपा सांसद रामकिशुन यादव ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता से वार्ता कर गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने की मांग की।
पूर्व सांसद रामकिशुन ने किया निरीक्षण
गड़ई नदी की खुदाई में लापरवाही
मुख्य अभियंता से फोन पर वार्ता
दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा
मानकों के अनुरूप कार्य की मांग
चंदौली जिले के नियामताबाद ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले महदेउर गांव में सोमवार को गड़ई नदी की चल रही खुदाई का निरीक्षण करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव कार्य की स्थिति देखकर बुरी तरह बिफर पड़े। स्थानीय किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मौके पर पहुंचे पूर्व सांसद ने खुदाई कार्य में बड़े पैमाने पर अव्यवस्था और वित्तीय व तकनीकी अनियमितता देखकर अपनी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि नदी की खुदाई तय मानकों के आधार पर उचित गहराई और चौड़ाई के साथ होनी चाहिए, ताकि आगामी मॉनसून और बारिश के समय जल निकासी सुचारु रूप से हो सके।
निरीक्षण के दौरान पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने संबंधित अधिकारियों और मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कार्य में पूरी पारदर्शिता बरतने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल से ही सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता से मोबाइल फोन पर लंबी वार्ता की और इस खुदाई कार्य को व्यवस्थित व गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की पुरजोर मांग की। उन्होंने सचेत किया कि गड़ई नदी इस क्षेत्र के हजारों किसानों और आमजन के जीवन की जीवनरेखा है। यदि बारिश से पहले नदी की वैज्ञानिक तरीके से सफाई और सही ढंग से गहरीकरण नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेगी।

पिछले साल डूबी थी हजारों एकड़ फसल
पूर्व सांसद ने पिछले वर्ष की त्रासदी को याद दिलाते हुए बताया कि गड़ई नदी में जलनिकासी बाधित होने के कारण बौरी, बुधवार, चंदाईत, हसनपुर, रामपुर, भरतपुर, महदेउर, रोहणा, नरैना और देवई खरगीपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ खड़ी फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई थी। बाढ़ के पानी के कारण कई दिनों तक ग्रामीण अंचलों का मुख्य मार्गों से आवागमन भी पूरी तरह ठप रहा था।
उन्होंने कहा कि किसानों की इसी गंभीर समस्या को लेकर पिछले साल उन्होंने एक लंबी पदयात्रा निकाली थी, जिसके दबाव में अब जाकर यह काम शुरू हुआ है। ऐसे में यदि प्रशासन या ठेकेदार ने इसमें किसी भी प्रकार की कोताही या भ्रष्टाचार करने का प्रयास किया, तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर यासीन अहमद, तेजबली यादव, पारस बिंद, सुभाष, नंदू और अमरेश सहित भारी संख्या में स्थानीय किसान उपस्थित रहे।
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