रेलवे की बड़ी लापरवाही: टूटे स्प्रिंग से दौड़ती रही गोड्डा-दोराई एक्सप्रेस, बाल-बाल बची सैकड़ों यात्रियों की जान
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर मंगलवार शाम एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बचा। गोड्डा-दोराई एक्सप्रेस के स्लीपर कोच का स्प्रिंग टूटा होने के बावजूद ट्रेन पटरी पर दौड़ रही थी। अधिकारियों ने आनन-फानन में कोच बदलकर ट्रेन रवाना की।
टूटे स्प्रिंग के साथ दौड़ती रही एक्सप्रेस ट्रेन
कोच चेकिंग पर पीडीडीयू जंक्शन पर मचा हड़कंप
स्लीपर कोच एस-6 में बड़ी तकनीकी खराबी मिली
डेढ़ घंटे तक रुकी रही गोड्डा एक्सप्रेस
रेल यात्रियों की सुरक्षा पर उठने लगे हैं सवाल
भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार की शाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) जंक्शन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब झारखंड के गोड्डा से दोराई जाने वाली गोड्डा-दोराई एक्सप्रेस (अप) जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या सात पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही जब तकनीकी जांच टीम ने हमेशा की तरह बोगियों का निरीक्षण शुरू किया, तो वे कोच संख्या एस-6 (स्लीपर कोच) की हालत देखकर दंग रह गए। स्लीपर कोच के चक्के का मुख्य स्प्रिंग टूटा हुआ था, जिसके सहारे यह ट्रेन तेज रफ्तार में ट्रैक पर दौड़कर यहां तक पहुंची थी।
तकनीकी टीम के उड़े होश
स्लीपर कोच का स्प्रिंग टूटा होना किसी बड़े हादसे का संकेत था। यदि रास्ते में ट्रेन की गति अधिक होती या ट्रैक पर कोई बड़ा मोड़ होता, तो ट्रेन पटरी से उतर सकती थी और सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। आनन-फानन में तकनीकी कर्मचारियों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा कारणों से तत्काल एस-6 कोच को ट्रेन से अलग करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्री यह जानकर दहशत में आ गए कि वे पिछले कई किलोमीटर से मौत के साए में सफर कर रहे थे।
कोच बदलने के बाद रवाना हुई ट्रेन
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए टूटे हुए स्लीपर कोच को हटाकर उसकी जगह एक इकोनॉमी एसी कोच लगाया। इस पूरी प्रक्रिया और तकनीकी सुधार के दौरान गोड्डा एक्सप्रेस लगभग डेढ़ घंटे तक पीडीडीयू जंक्शन पर खड़ी रही। कोच बदलने और सीट आवंटन को लेकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच काफी बहस और नाराजगी भी देखी गई। यात्री इस बात से आक्रोशित थे कि ट्रेन के रवाना होने से पहले प्रारंभिक स्टेशनों पर कोच की फिटनेस की जांच सही तरीके से क्यों नहीं की गई।
रेलवे की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यात्रियों की जान के साथ किस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है। टूटे स्प्रिंग के साथ ट्रेन का चलना रेलवे की मेंटेनेंस टीम की भारी लापरवाही को दर्शाता है। हालांकि, पीडीडीयू जंक्शन पर तैनात टीम की सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन इस घटना ने यात्रियों के मन में भय पैदा कर दिया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी कि किस स्टेशन पर और किन परिस्थितियों में स्प्रिंग टूटा और इसे पहले क्यों नहीं पहचाना गया। रात में कोच बदलने के बाद ही ट्रेन को आगे के गंतव्य के लिए रवाना किया जा सका।
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