'होली' वाला सिरदर्द शुरू : दिल्ली-मुंबई से आने वाली सभी ट्रेनें फुल, इन ट्रेनों में 2 महीने पहले ही 'नो रूम' की स्थिति
रंगों के त्योहार होली पर घर जाने वालों के लिए बुरी खबर है। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई से आने वाली ट्रेनों में अभी से लंबी वेटिंग और 'रिग्रेट' की स्थिति पैदा हो गई है। कोहरे के कारण लेट होती ट्रेनों ने यात्रियों की मुसीबत और बढ़ा दी है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में सीट नहीं।
पुरुषोत्तम और मगध एक्सप्रेस में सीटें रिग्रेट।
फरवरी के आखिरी हफ्ते में भारी वेटिंग।
कोहरे के कारण 8 घंटे लेट ट्रेनें।
स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का भारी अभाव।
रंगों का त्योहार होली इस वर्ष 4 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन इसके लिए ट्रेनों में मारामारी अभी से शुरू हो गई है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में रहने वाले पूर्वांचल और बिहार के प्रवासियों के लिए घर पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया है। रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर खुलते ही लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें फुल हो गई हैं। स्थिति यह है कि फरवरी के आखिरी हफ्ते से ही ट्रेनों में 'नो रूम' या 'रिग्रेट' की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम यात्रियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
प्रमुख ट्रेनों में 'रिग्रेट' और लंबी वेटिंग का संकट
होली के दौरान यात्रियों की पहली पसंद रहने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस की सभी श्रेणियों में सीटें 'रिग्रेट' (Regret) दिखा रही हैं। श्रमजीवी और महाबोधि एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में भी अब टिकट बुक करना संभव नहीं है। दिल्ली से आने वाली नेताजी एक्सप्रेस, सीमांचल और विक्रमशिला एक्सप्रेस में 25 से 27 फरवरी के बीच 50 से अधिक वेटिंग चल रही है। यही हाल मुंबई और चेन्नई का भी है; संघमित्रा एक्सप्रेस के थर्ड एसी में वेटिंग का आंकड़ा 164 और सेकेंड एसी में 63 तक पहुंच गया है।
कोहरे का कहर: 8 घंटे तक की देरी से चल रही हैं ट्रेनें
सीटों की कमी के साथ-साथ प्रकृति का प्रकोप भी रेल यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। उत्तर भारत में फैले घने कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) जंक्शन पर आने वाली नई दिल्ली-राजेंद्र नगर तेजस राजधानी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 7 घंटे की देरी से पहुंची। वहीं, अमृत भारत एक्सप्रेस भी 5 से 8 घंटे की देरी से चल रही है। ट्रेनों के इस अनिश्चित समय के कारण यात्रियों को घंटों स्टेशन पर ठिठुरते हुए इंतजार करना पड़ रहा है।
स्टेशनों पर सुविधाओं का अभाव और यात्रियों की पीड़ा
हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग पर पीडीडीयू जंक्शन एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, लेकिन यहाँ ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिख रहे हैं। वेटिंग हॉल में हीटर या ब्लोअर की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्री प्लेटफार्म पर ही ठिठुरने को मजबूर हैं। नगर पालिका द्वारा सर्कुलेटिंग एरिया में अलाव की व्यवस्था न किए जाने से यात्रियों में रोष है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे लोगों के लिए ट्रेनों की लेटलतीफी और स्टेशन पर ठंड एक दोहरी मुसीबत बन गई है।
प्रवासियों की उम्मीदें अब स्पेशल ट्रेनों पर
बिहार और पूर्वांचल से बड़ी संख्या में लोग काम की तलाश में महानगरों में रहते हैं। होली, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर ही उन्हें अपने परिवार से मिलने का मौका मिलता है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यात्री अब रेलवे से 'होली स्पेशल' ट्रेनें चलाने की उम्मीद कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि रेलवे ने समय रहते अतिरिक्त ट्रेनें नहीं चलाईं, तो यात्रियों को बसों या अन्य महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ेगा, जो त्योहार की खुशियों को फीका कर सकता है।
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