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मंदिर गिराने के दौरान बड़ा हादसा: मजदूर बलदेव यादव की मौत के बाद परिवार को 10 लाख का मुआवजा और नौकरी का आश्वासन

चंदौली के पीडीडीयू नगर में पड़ाव-गोदना मोड़ चौड़ीकरण के दौरान एक प्राचीन मंदिर का गुंबद गिरने से मजदूर बलदेव यादव की मौत हो गई। हंगामे के बाद पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये और नौकरी का भरोसा मिला है।  

 
 

मंदिर का गुंबद गिरने से हादसा

मजदूर बलदेव यादव की दर्दनाक मौत 
 
पीड़ित परिवार को 10 लाख मुआवजा 

 बेटे गोविंद को मिलेगी सरकारी नौकरी 

 लापरवाही की जांच के लिए कमेटी गठित

चंदौली जिले के मुगलसराय (पीडीडीयू नगर) में पड़ाव-गोधना मोड़ चौड़ीकरण परियोजना के तहत एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। यहाँ रेलवे जंक्शन के वीआईपी गेट के पास स्थित लगभग दो सौ वर्ष पुराने मां काली मंदिर को हटाने का काम चल रहा था। शुक्रवार की रात जब पोकलैंड और बैकहो लोडर मशीनों से मंदिर का ऊपरी हिस्सा गिराया जा रहा था, तभी अचानक उसका भारी-भरकम गुंबद भरभराकर नीचे गिर गया।

इस काम में लगी लोक निर्माण विभाग की कार्यदायी संस्था 'एपको' के 58 वर्षीय मजदूर बलदेव यादव उर्फ झिंगुरी इसके मलबे में बुरी तरह दब गए। वहां मौजूद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

परिजनों का हंगामा और मुआवजे की मांग
शनिवार की शाम को जैसे ही मृतक बलदेव यादव का शव उनके पैतृक निवास दुलहीपुर के डांडी गांव पहुंचा, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव को रखकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया。 वे उचित मुआवजे और मृतक के बेटे के लिए नौकरी की मांग पर अड़ गए। 

 माहौल बिगड़ता देख कार्यदायी संस्था के मैनेजर मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को साढ़े चार लाख रुपये नगद और साढ़े पांच लाख रुपये का चेक सौंपते हुए कुल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। इसके साथ ही कंपनी ने मृतक के बेटे गोविंद यादव को नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ही मामला शांत हुआ।  

पत्नी के इलाज के लिए करते थे मजदूरी
ग्रामीणों ने बताया कि डांडी गांव के रहने वाले बलदेव यादव ही अपने घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और पूरा परिवार उन्हीं के भरोसे चल रहा था। वह पिछले 20 दिनों से ही इस संस्था में मजदूरी का काम कर रहे थे। उनकी पत्नी विमली देवी लंबे समय से काफी बीमार चल रही हैं और उनका इलाज भी बलदेव की इसी मजदूरी के पैसों से हो रहा था। बलदेव की मौत के बाद बीमार पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।  

मामले की जांच के लिए कमेटी गठित
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। PDDU नगर के एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में जो भी अधिकारी या कार्यदायी संस्था का व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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