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सुजाबाद में स्कूल के पास में खुली है देशी शराब की दुकान, नशेड़ियों के जमावड़े और अभद्र भाषा से परेशान हैं महिला टीचर

पड़ाव के मढ़िया गांव में संचालित सरकारी और निजी स्कूलों के ठीक सामने स्थित शराब की दुकान ने छात्रों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह से ही शुरू होने वाली शराब की बिक्री और नशेड़ियों के उत्पात से अभिभावकों में भारी रोष है।

 

स्कूलों के 250 मीटर के दायरे में खुली शराब की दुकान

सुबह से ही शुरू हो जाती है शराब की बेखौफ बिक्री

नशे में धुत शराबी करते हैं अभद्र भाषाओं का प्रयोग

महिला शिक्षिकाओं और छात्राओं में सुरक्षा को लेकर भय

ग्रामीणों ने की पुलिस ड्यूटी और दुकान हटाने की मांग

क्या है स्कूल से शराब की दुकान का नियम-कानून, कैसे खुल गयी पड़ाव-बहादुरपुर मार्ग पर स्कूल के पास शराब की दुकान, नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा पर सवालिया निशान

 चंदौली जनपद के पड़ाव-बहादुरपुर मार्ग स्थित मढ़िया गांव में शिक्षा के मंदिर और शराब के ठेके के बीच की कम दूरी ने एक गंभीर सामाजिक संकट खड़ा कर दिया है। यहां महज 250 मीटर के दायरे में एक सरकारी और दो गैर-सरकारी स्कूलों का संचालन होता है, लेकिन इनके ठीक सामने सड़क पार 'सुजाबाद देशी शराब' की दुकान खुली हुई है। यह दुकान न केवल नियमों को ठेंगा दिखा रही है, बल्कि स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए प्रतिदिन की मुसीबत बन गई है।

सुबह से ही सजती है महफिल, बेखौफ बिकती है शराब
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि शराब दुकानदार सुबह से ही बेखौफ होकर खुलेआम शराब की बिक्री शुरू कर देता है। स्कूल जाने के समय ही दुकान पर नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। शराब पीने के बाद नशे में धुत लोग सड़क पर ही खड़े होकर आपस में उलझते हैं और अमर्यादित व अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। इस वातावरण के कारण विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों के कोमल मानस पटल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

महिला शिक्षिकाओं और छात्राओं में सुरक्षा का भय
यह मार्ग काफी व्यस्त है और यहां दर्जनों विद्यालय संचालित होते हैं। दूर-दराज से आने वाली महिला शिक्षिकाएं और छात्राएं इस मार्ग का उपयोग करती हैं। मढ़िया गांव के सामने सड़क पर नशेड़ियों के जमावड़े के कारण महिलाओं के अंदर हमेशा असुरक्षा और भय बना रहता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य उपेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शराबी आए दिन उत्पात मचाते हैं। हद तो तब हो जाती है जब विद्यालय के बगल में स्थित बंद पड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठकर लोग शराब पीते हैं, जिससे शिक्षिकाओं को स्कूल आने-जाने में काफी असहजता और डर महसूस होता है।

नियमों की अनदेखी और ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों और मंदिरों के आसपास लगभग 500 मीटर (या तय सीमा) तक शराब की दुकान खोलने पर प्रतिबंध होता है, लेकिन यहां नियमों की स्पष्ट अनदेखी हो रही है। प्राथमिक विद्यालय मढ़िया के प्रधानाचार्य ने भी इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शराबियों पर नकेल कसने के लिए स्कूल के समय यहां पुलिस की ड्यूटी लगाई जाए और इस दुकान को निर्धारित दूरी पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि छात्र-छात्राएं और महिलाएं सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें।

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