जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

मालवीय पुल पर 14 जून से आना-जाना बैन, रात में पैदल चलना भी बंद, पढ़ें नया रूट डायवर्जन प्लान

वाराणसी के ऐतिहासिक मालवीय पुल पर 14 जून से 13 अगस्त तक रात में मरम्मत कार्य चलेगा। इस दौरान रात 10 बजे से सुबह 6:30 बजे तक वाहनों और पैदल यात्रियों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी, जिससे 6 किमी का सफर अब 18 किमी लंबा हो जाएगा।

 

मालवीय पुल पर रात में मरम्मत कार्य

दो महीने तक रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

पैदल यात्रियों के जाने पर भी रोक

छह किमी की दूरी अब अठारह किलोमीटर

वाराणसी-चंदौली मार्ग विशेष रूप से प्रभावित

चंदौली और बनारस को जोड़ने वाले राजघाट के ऐतिहासिक मालवीय पुल से गुजरने वाले स्थानीय निवासियों, यात्रियों और वाहन चालकों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर है। पुल की मजबूती को बनाए रखने के लिए इस पर विशेष मरम्मत का कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके चलते आगामी 14 जून से लेकर 13 अगस्त तक रात के समय यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना होगा। 

यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने इस दो महीने की अवधि के लिए बकायदा वैकल्पिक मार्गों (रूट डायवर्जन) की घोषणा कर दी है। सबसे खास बात यह है कि मरम्मत के तय समय के दौरान वाहनों की बात तो दूर, पैदल यात्रियों को भी पुल से गुजरने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।

malviya-bridge-traffic-diversion-route-plan

जानिए क्या है मरम्मत की वजह और इसकी टाइमिंग
लोक निर्माण विभाग और रेलवे के विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रतिबंध मालवीय पुल के ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन जॉइंट की विशेष मरम्मत के लिए लगाया जा रहा है। यह मरम्मत कार्य प्रतिदिन रात को 10:00 बजे से शुरू होकर अगली सुबह 06:30 बजे तक लगातार चलेगा।

इस अवधि में मालवीय सेतु, जिसे आम बोलचाल में राजघाट पुल भी कहा जाता है, पर सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप रहेगा। इस कारण नमो घाट से पड़ाव और पड़ाव से नमो घाट की ओर आने-जाने वाले दोनों मार्ग विशेष रूप से प्रभावित होने वाले हैं।

malviya-bridge-traffic-diversion-route-plan

6 किलोमीटर की दूरी अब 18 किलोमीटर में होगी तय
इस मरम्मत कार्य और भारी ट्रैफिक ब्लॉक के कारण अगले दो महीने तक वाराणसी से चंदौली की ओर आने-जाने वाले आम लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। डायवर्जन लागू होने के बाद लोगों को करीब तीन गुना अधिक दूरी तय करनी होगी।

सामान्य दिनों में पड़ाव से कैंट की दूरी महज छह किलोमीटर के आसपास है। लेकिन अब नया डायवर्जन प्लान लागू होने के बाद, यात्रियों को पड़ाव से रामनगर होते हुए कैंट पहुंचने के लिए 18 से 20 किलोमीटर तक का लंबा चक्कर काटना पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह व्यवस्था केवल रात 10 बजे से सुबह 6:30 बजे तक ही प्रभावी रहेगी, दिन में ट्रैफिक सामान्य रहेगा।

ये है वाराणसी पुलिस का नया यातायात डायवर्जन प्लान
पड़ाव चौराहे से नमो घाट और भदऊं चुंगी की तरफ आने वाले सभी वाहनों को अब पड़ाव चौराहे से ही रामनगर की ओर मोड़ दिया जाएगा। इसके बाद ये वाहन सामनेघाट पुल या फिर विश्वसुंदरी पुल से होते हुए अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

दूसरी तरफ, गोलगड्डा तिराहे से पड़ाव की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए भी डायवर्जन का नियम कड़ाई से लागू रहेगा। इन वाहनों को बसंता कॉलेज मोड़ से ही यू-टर्न लेना पड़ेगा। इसके बाद ये वाहन लकड़ीमंडी फ्लाईओवर, लहरतारा, भिखारीपुर, अमरा अखरी, एनएच-19 और विश्वसुंदरी पुल से होते हुए आगे जा सकेंगे।

एक अन्य विकल्प के तौर पर वाहन चालक लकड़ीमंडी से लाइट सिग्नल चौराहा, चौकाघाट, पुलिस लाइन चौराहा और संदहा होते हुए भी रिंग रोड के जरिए अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच सकते हैं। यातायात पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि रात की यात्रा के दौरान इस नए रूट चार्ट का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*