मिशन शक्ति के दौरान जागरूक पर जोर, ऑपरेशन बचपन के तहत बचाए गए 4 बच्चे
चंदौली में मिशन शक्ति को लेकर जोर
महिलाओं व बालिकाओं को किया जा रहा जागरूक
ऑपरेशन बचपन के तहत 4 बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति से बचाया
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-5 के तहत, चंदौली पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए और 'ऑपरेशन बचपन' के तहत बड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी चकिया रघुराज के नेतृत्व में, चकिया, सैयदराजा, चकरघट्टा, शहाबगंज, मुगलसराय और अलीनगर थानों की महिला पुलिस कर्मियों ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए।

जागरूकता और चौपाल का आयोजन
दिनांक 25 सितंबर 2025 को आयोजित कार्यक्रमों में पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए चौपाल का भी आयोजन किया। प्रमुख रूप से निम्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए:--
- थाना चकिया: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एकेडमिक ब्लॉक।
- थाना सैयदराजा: नेशनल इंटर कॉलेज कस्बा सैयदराजा।
- थाना चकरघट्टा: ग्राम पढौती।
- थाना शहाबगंज: ग्राम विशुनपुरा।
- थाना अलीनगर: राम मनोहर लोहिया इंटर कॉलेज जन्सो की मड़ई।
- थाना मुगलसराय: विद्यालयों के सामने और ग्रामीण क्षेत्रों में।
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कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने महिलाओं से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और निराश्रित महिला योजनाएं शामिल थीं। इसके साथ ही, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, 2013, दहेज निषेध अधिनियम, 1961 जैसे महत्वपूर्ण कानूनों के प्रावधानों के बारे में भी आमजन को जागरूक किया गया। थानों में नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्र के कार्य, उद्देश्य और सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

ऑपरेशन बचपन के तहत 4 बच्चों का रेस्क्यू
मिशन शक्ति अभियान के फेज-5 के अंतर्गत चलाए गए 'ऑपरेशन बचपन बचाओ' अभियान के दौरान चंदौली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को बड़ी सफलता मिली।

रेलवे स्टेशन पीडीडीयू नगर और मानसरोवर चकिया तिराहा से 4 नाबालिग बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति करते हुए रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू किए गए इन बच्चों को काउंसलिंग के लिए सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) चंदौली के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सीडब्ल्यूसी द्वारा आवश्यक काउंसलिंग के बाद, इन नाबालिग बच्चों को बाल शिशु गृह बिछिया, चंदौली को सुपुर्द कर दिया गया।

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