मुगलसराय में अतिक्रमण पर भारी एक्शन: लोक निर्माण विभाग ने शुरू की नापी, 200 से अधिक भवनों पर मंडराया संकट
चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में सड़क किनारे फैले वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने नए सिरे से जमीन की नापी शुरू कर दी है। इस बड़ी कार्रवाई से 200 से ज्यादा इमारतों पर टूटने का खतरा मंडरा रहा है।
पीडीडीयू नगर बाजार में मची खलबली
लोनिवि ने शुरू की जमीन की नापी
200 से अधिक भवन आ सकते हैं जद में
कोतवाली और अग्निशमन कार्यालय भी प्रभावित
अतिक्रमण हटाकर होगा हरित पट्टी का विकास
चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) नगर से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। शहर में वर्षों से सड़क किनारे पैर पसारे अवैध अतिक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। विभाग की टीम ने नए सिरे से सरकारी भूमि की नापी और पैमाइश का काम शुरू किया है।
इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे बाजार क्षेत्र के दुकानदारों और मकान मालिकों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, यदि विभाग ने यह अभियान पूरी सख्ती से चलाया, तो सड़क किनारे बने 200 से अधिक भवन इसकी सीधे जद में आ सकते हैं।

निजी दुकानों के साथ सरकारी दफ्तरों पर भी संकट
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि लोनिवि के निशाने पर सिर्फ निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठान या आम दुकानें ही नहीं हैं। जमीन के सरकारी सीमांकन के दायरे में कई महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर और इमारतें भी आ रही हैं।
अतिक्रमण के इस नए सर्वे की वजह से क्षेत्र के अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड), स्थानीय कोतवाली और खुद लोक निर्माण विभाग का अपना कार्यालय भी प्रभावित हो सकता है। पैमाइश का मुख्य उद्देश्य सड़क की वास्तविक चौड़ाई का पता लगाना और सरकारी जमीन की सटीक सीमाओं को तय करना है।

नापी पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे विधिक नोटिस
इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग, पीडीडीयू नगर के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि का सीमांकन पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ कराया जा रहा है।
जैसे ही नापी का काम पूरा हो जाएगा, जिन भी स्थानों पर अतिक्रमण (अवैध निर्माण) पाया जाएगा, उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत औपचारिक नोटिस जारी किए जाएंगे। दुकानदारों और भवन स्वामियों को निर्धारित समयावधि दी जाएगी और समय पूरा होने पर अतिक्रमण हटाने की अगली कार्रवाई शुरू होगी। फिलहाल, बाजार के व्यापारी सांसें थामकर नोटिस का इंतजार कर रहे हैं।
अतिक्रमण हटने के बाद बदलेगी शहर की सूरत, बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य केवल भवनों को गिराना या उजाड़ना नहीं है, बल्कि पीडीडीयू नगर को एक व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देना है। अतिक्रमण से मुक्त होने वाली सरकारी भूमि पर विभाग की तरफ से बड़े पैमाने पर सुंदरीकरण का काम किया जाएगा।
यहाँ आकर्षक लैंडस्केपिंग की जाएगी और एक सुंदर हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जाएगी। इसके अलावा, बेहतर प्रकाश व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट्स) के साथ-साथ देश के महापुरुषों की प्रतिमाएं और उनके प्रेरणादायक संदेश भी लगाए जाएंगे, ताकि इस ऐतिहासिक नगर की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक उभारा जा सके।
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