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चंदौली जिले में उतारी गई करोड़ों रुपए की कफ सिरप की खेप कहां खपी, खोज नहीं पा रही पुलिस

FSDA की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली स्थित मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज द्वारा 25 अगस्त 2025 से 14 अक्टूबर 2025 के बीच चन्दौली की फर्म मेसर्स सिंह मेडिकोज को कुल 2,32,400 बोतल Eskul Cough Syrup (100ml) सप्लाई की गई।
 

चंदौली जिले की मुगलसराय कोतवाली में दर्ज है मुकदमा


17 नवंबर को मुकदमा दर्ज होने के बाद भूल गयी पुलिस


मामले में एक भी आरोपी नहीं हुए अरेस्ट


CO साहब बोले- मामले में जल्द होगी गिरफ्तारी 

चंदौली में बड़ी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार का खुलासा होने के बाद जिले में हड़कंप मच गया था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा की गई लगातार कार्रवाई में यह सामने आया है कि मेडिकल और फार्मा लाइसेंस का दुरुपयोग कर नशे में उपयोग किए जाने वाले कफ सिरप की करोड़ों रुपए की खेप फर्जी बिलों के जरिये चन्दौली में उतारी गई और उसे गैर-चिकित्सकीय और नशे के उद्देश्य से अवैध रूप से बाजार में खपाया गया।

 पहली बड़ी कार्रवाई – 2.32 लाख बोतल Eskul Syrup का मामला 

आपको बता दें कि मुगलसराय कोतवाली में 17 नवंबर को औषधि विभाग के तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। उन्होंने कहा था कि  FSDA की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली स्थित मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज द्वारा 25 अगस्त 2025 से 14 अक्टूबर 2025 के बीच चन्दौली की फर्म मेसर्स सिंह मेडिकोज को कुल 2,32,400 बोतल Eskul Cough Syrup (100ml) सप्लाई की गई। यह लेन-देन भारी आर्थिक मूल्य का था, और विभाग का आरोप है कि यह पूरा व्यापार फर्जी एवं कूटरचित बिलों के आधार पर किया गया, जो औषधि अधिनियम 1940 के साथ-साथ नारकोटिक्स संबंधी कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।

 FIR registered at Mughalsarai police station  FIR on November 17th Mughalsarai Kotwali CO PDDU Nagar on arrests cough syrup frauds
एफआईआर की कॉपी

7 नवंबर 2025 को औषधि निरीक्षक बृजेश कुमार मौर्य ने मुगलसराय स्थित इस फर्म का निरीक्षण किया, जहां दुकान बंद पाई गई। न तो कोई कर्मचारी वहाँ मौजूद था और न ही फर्म से जुड़े मोबाइल नंबर सक्रिय मिले। इस पर विभाग ने तत्काल औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत फर्म के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी और GPS लोकेशन, वीडियो एवं फोटो साक्ष्य मुख्यालय भेजे गए।

विभाग का कहना है कि कोडीन एक नारकोटिक श्रेणी का नियंत्रित दवा पदार्थ है, जिसका उपयोग केवल चिकित्सकीय पर्चे के आधार पर ही संभव है। लेकिन फर्म द्वारा इसे नशे का पदार्थ मानकर अवैध व्यापार के रूप में बेचा गया।

इस मामले में नागेन्द्र कुमार सिंह (प्रोपराइटर–सिंह मेडिकोज) और विशाल उपाध्याय (प्रोपराइटर–वान्या इंटरप्राइजेज, दिल्ली) के खिलाफ BNS की धारा 206(a), 271, 276, 218(4) के तहत मुगलसराय कोतवाली में FIR दर्ज कराई गई है।

 दूसरी कार्रवाई – New Phensedyl का नेटवर्क उजागर 

दूसरे केस में FSDA द्वारा 15 से 18 नवंबर 2025 के बीच की गई निरीक्षण कार्रवाई में रांची स्थित मेसर्स-शैली ट्रेडर्स द्वारा भारी मात्रा में New Phensedyl Cough Syrup की आपूर्ति चंदौली की तीन फर्मों को किए जाने का मामला सामने आया।


ये फर्में थीं..मेसर्स-समृद्धि इंटरप्राइजेज, मेसर्स-च्वाईस डिस्ट्रीब्यूटर्स और मेसर्स-एसपी फार्मा। परंतु निरीक्षण के दौरान तीनों फर्मों की दुकानें बंद पाई गईं, और वहां कोडीनयुक्त कफ सिरप का एक भी स्टॉक नहीं मिला, जबकि विभागीय पोर्टल से प्राप्त दस्तावेज बताते हैं कि इन फर्मों ने हाल ही में भारी मात्रा में दवा खरीदी थी।

भवन मालिकों ने बताया कि दुकानों को मेडिकल चलाने के नाम पर किराए पर लिया गया था लेकिन इन्हें कभी खोला ही नहीं गया तथा कई महीनों से किराया भी नहीं दिया गया। इससे यह संदेह मजबूत होता है कि फर्मों का उद्देश्य वास्तविक चिकित्सा बिक्री न होकर अवैध तस्करी एवं नशे के व्यापार से था।


फर्म संचालकों से संपर्क करने पर मोबाइल नंबर बंद मिले और किसी ने भी क्रय-विक्रय अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए। यह कार्रवाई न केवल औषधि कानूनों बल्कि BNS (भारतीय न्याय संहिता) के तहत भी गंभीर अपराध है।

इस मामले में भोला प्रसाद (प्रोपराइटर – शैली ट्रेडर्स, रांची) तथा अंजलि कसेरा, आलोक प्रजापति और सबा परवीन (चन्दौली की तीनों फर्मों के मालिक) के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफ़ारिश की गई और क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी गई।

 FIR registered at Mughalsarai police station  FIR on November 17th Mughalsarai Kotwali CO PDDU Nagar on arrests cough syrup frauds
सीओ मुगलसराय कृष्ण मुरारी शर्मा


 गिरफ्तारी अब भी बाकी – कोतवाली पुलिस पर सवाल 

गौरतलब है कि इस कफ सिरप मामले में FIR दर्ज हुए 15 दिन से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक एक भी आरोपी चंदौली पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। जबकि इस मामले में कुल पाँच व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। इस संबंध में सीओ मुगलसराय कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया मुकदमा दर्ज है, साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

उधर, उत्तर प्रदेश STF द्वारा नशा कारोबार के मुख्य आरोपी अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी के बाद कई नए नाम उजागर हुए हैं और प्रदेश में लगातार छापेमारी जारी है। माना जा रहा है कि चन्दौली में उजागर यह नेटवर्क भी उसी गिरोह का हिस्सा हो सकता है।

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