इसलिए 48 फीट के बाद अब 98 फीट तक हो रही है पैमाइश, सड़क चौड़ीकरण से बढ़ी व्यापारियों की धड़कन, उठने लगे ये सवाल
पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर से 30-30 मीटर (करीब 98 फीट) तक दोबारा पैमाइश शुरू कर दी है। इससे स्थानीय व्यापारियों और मकान मालिकों में फिर से तोड़फोड़ का डर पैदा हो गया है।
डिवाइडर से 30-30 मीटर तक नापी
हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू हुआ सीमांकन
व्यापारियों को फिर सताने लगा तोड़फोड़ का डर
प्रभावित लोगों को जल्द जारी होंगे नोटिस
धर्मशाला गली के अंदर तक हुई पैमाइश
चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में जीटी रोड पर सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर एक बार फिर से व्यापारियों और मकान मालिकों की रात की नींद उड़ गई है। शनिवार को जब लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम फीता और आधुनिक सर्वे उपकरण लेकर सड़क पर उतरी, तो पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। टीम ने जीटी रोड के बीचों-बीच (डिवाइडर) से दोनों तरफ 30-30 मीटर यानी करीब 98.42 फीट तक पैमाइश का काम दोबारा शुरू कर दिया है।
इस नए सर्वे को देखकर लोग अपने घरों और दुकानों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। इससे पहले जब सड़क चौड़ीकरण का पहला चरण शुरू हुआ था, तब डिवाइडर से दोनों ओर लगभग 48 फीट तक के दायरे में आने वाले भवनों पर लाल निशान लगाए गए थे और भारी तोड़फोड़ की गई थी।

दुकानों की मरम्मत करा चुके व्यापारियों में बढ़ी भारी हलचल
पहले चरण की तोड़फोड़ के बाद कई दुकानदारों और मकान मालिकों ने लाखों रुपये खर्च करके अपने आशियाने और दुकानों की मरम्मत करा ली थी। कइयों ने तो नए सिरे से निर्माण भी शुरू कर दिया था। लेकिन अब अचानक 30-30 मीटर (लगभग 98 फीट) की दोबारा नापी होने से लोगों में यह डर गहरा गया है कि कहीं उनके बचे हुए आशियाने भी उजाड़ न दिए जाएं।
शनिवार को पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने मुख्य मार्ग के साथ-साथ धर्मशाला गली के काफी अंदर तक नापी की। नापी की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, दुकानों के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। व्यापारियों ने विभागीय कर्मचारियों से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि फिलहाल केवल सरकारी कागजों और मौके की स्थिति का मिलान (सत्यापन) किया जा रहा है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रहा है नया सीमांकन
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित कुछ स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने पहले हुई कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। न्यायालय के निर्देश के बाद अब शासन स्तर से दोबारा पूरी जमीन का सटीक सीमांकन कराने का आदेश मिला है।
इसी आदेश के तहत पीडब्ल्यूडी की टीम पीडीडीयू नगर पहुंची है और डिवाइडर को मध्य बिंदु मानकर दोनों तरफ 30-30 मीटर तक सरकारी जमीन की सीमाओं को नाप रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पैमाइश पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी तरह का कानूनी विवाद न रहे।
व्यापारियों के मन में उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
इस अचानक हुई कार्रवाई से बाजार के व्यापारियों के बीच कई गंभीर सवाल तैर रहे हैं। व्यापारियों के कई सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में टेंशन बढ़नी स्वाभाविक है...
1. क्या पहले चरण की तोड़फोड़ के बाद अब फिर से उनकी दुकानों को तोड़ा जाएगा?
2. जिन लोगों ने हाल ही में कर्ज लेकर अपनी दुकानों की मरम्मत कराई है, उनके नुकसान का क्या होगा?
3. क्या सरकार प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास (दोबारा बसने) की कोई गारंटी देगी?
4. नोटिस मिलने के बाद व्यापारियों के पास आगे की क्या कानूनी प्रक्रिया बची है?
व्यापारियों का साफ कहना है कि अगर दोबारा इतनी बड़ी संख्या में दुकानें और मकान तोड़े गए, तो यहां का स्थानीय कारोबार पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा, क्योंकि लोग पहले ही भारी आर्थिक मंदी और नुकसान से जूझ रहे हैं।
सीमांकन पूरा होने के बाद जारी किए जाएंगे नोटिस: एक्सियन
इस पूरे मामले पर पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड चंदौली के अधिशासी अभियंता (एक्सियन) राजेश कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि सड़क के डिवाइडर से दोनों ओर 30-30 मीटर तक पैमाइश कराई जा रही है। यह नापी पूरी होने के बाद एक विस्तृत सूची तैयार की जाएगी।
इसके बाद प्रभावित दुकानदारों, भवन स्वामियों और संबंधित पक्षों को विभाग की तरफ से नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस मिलने के बाद प्रभावित लोग अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए स्वतंत्र होंगे। आगे की जो भी कार्रवाई होगी, वह पूरी तरह से न्यायालय के आदेशों और शासन के निर्देशों के अनुरूप ही की जाएगी।
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