जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

चंदौली में बढ़ने लगी है ठंड : नगर पालिका और नगर पंचायतों में अलाव व रैन बसेरा कितना है एक्टिव

चंदौली जिले में ठंड का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन मुगलसराय (पीडीडीयू नगर पालिका), सैयदराजा और चंदौली नगर पंचायत में यात्रियों और राहगीरों के लिए अलाव और रैन बसेरे की व्यवस्था शून्य है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्री रात में ठिठुर रहे हैं। केवल चकिया में रैन बसेरा चालू होने का दावा है, जबकि अन्य जगहों पर लापरवाही जारी है।
 

चंदौली जिले में बढ़ने लगा है ठंड का कहर


 सैयदराजा, चंदौली नगर पंचायत में कब होगी अलाव की व्यवस्था


कई जगहों पर न रैन बसेरा चालू और न ही अलाव


ठंड बढ़ने के बावजूद जिला प्रशासन सुस्त


 मुगलसराय सहित तीन नगर निकायों में कब होगा रैन बसेरा और अलाव का इंतजाम 

चंदौली जिले में पहाड़ी हवाओं के कारण ठंड का असर तेज़ी से बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में सुबह-शाम घना कोहरा छा रहा है, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के प्रमुख बस स्टैंडों, ऑटो स्टैंडों और पीडीडीयू जंक्शन जैसे रेलवे स्टेशनों पर यात्री, खासकर रात के समय, ठंड से सिकुड़ने लगे हैं। दुखद है कि ठंड से बचाव के लिए सबसे आवश्यक अलाव (Bonfire) और रैन बसेरा (Night Shelter) का इंतजाम मुगलसराय नगर पालिका, सैयदराजा और चंदौली नगर पंचायत में अब तक नहीं हो पाया है।

सामान्यतः, मुगलसराय सहित सभी नगर पंचायतों में लगभग दो सौ जगहों पर अलाव और करीब सात जगहों पर स्थायी/अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाते हैं। लेकिन इस बार चकिया को छोड़कर कहीं भी यह व्यवस्था चालू नहीं है।

मुगलसराय नगर पालिका: स्थायी बसेरा दूर
मुगलसराय के अंतर्गत 25 वार्ड हैं, जहाँ लगभग तीन लाख की आबादी निवास करती है। पालिका प्रशासन हर साल जंक्शन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करता है। यहां पर कागजी खानापूर्ति के लिए अलीनगर में एक स्थायी रैन बसेरा है, जो हमेशा खुला रहता है। लेकिन यह नगर से करीब दो किमी दूर होने के कारण रात में राहगीर और यात्री यहाँ तक पहुँच ही नहीं पाते हैं।
वहीं पर सुभाष पार्क और लाल बहादुर शास्त्री पार्क में अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाता है, लेकिन अब तक इसे स्थापित नहीं किया गया है। इसके साथ ही साथ नगर के किसी भी हिस्से में अलाव की व्यवस्था अब तक शुरू नहीं की गई है।

नगर पालिका चेयरमैन सोनू किन्नर ने इस पर दावा करते हुए कहा कि एक स्थायी रैन बसेरा चालू है और दो अस्थायी रैन बसेरे जल्द ही तैयार कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लकड़ी का इंतजाम करा दिया गया है और ठंड और बढ़ने पर अलाव की व्यवस्था की जाएगी।

चंदौली और सैयदराजा में भी हो रहा इंतजार
जिला मुख्यालय की चंदौली नगर पंचायत में 15 वार्ड और करीब 35 हजार की आबादी है, लेकिन यहाँ भी रैन बसेरा और अलाव का इंतजाम अब तक नहीं किया गया है। वहीं, सैयदराजा नगर पंचायत (13 वार्ड, 22 हजार आबादी) में भी व्यवस्था नदारद है। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि ठंड में और बढ़ोतरी होने पर रैन बसेरा की व्यवस्था की जाएगी, और अलाव की मांग बढ़ने पर वार्डों में उसकी व्यवस्था की जाएगी। कार्यालय के ऊपर दो बड़े कमरों में रैन बसेरा की व्यवस्था की जानी है, जिसके लिए ठंड बढ़ने का इंतजार किया जा रहा है।

केवल चकिया में व्यवस्था करने दावा
चकिया नगर पंचायत (12 वार्ड, 30 हजार आबादी) में प्रशासन की ओर से तीन रैन बसेरे चालू करने का दावा किया जा रहा है। एसडीएम विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि चकिया नगर के पूर्वी बाजार, सामुदायिक भवन और तहसील प्रशासन के पुराने सभागार में रैन बसेरे की व्यवस्था है, जहाँ लोग रात में विश्राम कर सकते हैं।

हालांकि, जिले के तीन प्रमुख नगर निकायों में प्रशासन की यह सुस्त कार्यप्रणाली स्थानीय लोगों और यात्रियों की परेशानी का कारण बन रही है, जिन्हें कड़ाके की ठंड में खुले में रात गुजारनी पड़ रही है।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*