नेशनल हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें बनीं केवल शोपीस, यात्रियों की सुरक्षा सवालों के घेरे में
नेशनल हाईवे पर स्ट्रीट लाइट बनी दिखावे की वस्तु
पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय की पहल पर लगाई गई थी लाइट
डीएम साहब इस समस्या का कौन निकालेगा समाधान
चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र नेशनल हाईवे पर लाखों की लागत से लगाए गए डिवाइडर के बीच की स्ट्रीट लाइटें अब दिखावे की वस्तु बनकर रह गई हैं। पचफेड़वा से लौदा-झांसी तक लगभग पाँच किलोमीटर का क्षेत्र रात्रि होते ही अंधेरे में डूब जाता है। लाइटें जलाने की समुचित व्यवस्था न होने से इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आपको बता दे की नेशनल हाईवे पर लाखों रुपए खर्च कर डिवाइडर के बीच जगह-जगह स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। ताकि रात्रि में लोगों को सुगम यातायात में सहुलियत हो सके। साथ ही हाईवे पर रात्रि में वाहनों के खराब होने एवं दुर्घटना के समय लाइटिंग, कोई राहजनी न हो, आवागमन करने वालों को सुगम मार्ग एवं हाइवे गुलजार रहे। लेकिन हाईवे पर लगाई गई लाइटों के जलने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते पचफेड़वा से लौदा झासी तक लगभग पांच किमी का क्षेत्र रात्रि होते ही अंधेरे में डूब जा रहा है। जबकि अन्य स्थानों पर शाम से सुबह तक लाइटें नियमित रूप से जल रह हैं। इस दुर्व्यवस्था से आवागमन करने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट पर अंधेरे के कारण रात में राहजनी, वाहन खराब होने और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। कई बार वाहन चालकों को गाड़ी रोकने या खराब होने पर मोबाइल फ्लैशलाइट या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है। वहीं इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों में भी लगातार भय और असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री व सांसद महेंद्रनाथ पांडे की पहल पर इस हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, ताकि यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके। लेकिन बिजली आपूर्ति और रखरखाव की लापरवाही से ये लाइटें महज शोपीस बनकर रह गई हैं।
दुकानदार रमेश यादव व आलोक यादव उर्फ मुलायम ने का कहना है कि जहां अन्य स्थानों पर लाइटें नियमित रूप से शाम से सुबह तक जलती रहती हैं, वहीं इस रूट पर लगातार बदइंतजामी देखने को मिल रही है। लोगों ने जिम्मेदार विभागों से जल्द से जल्द लाइट व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने की मांग उठाई है, ताकि अंधेरे में संभावित घटनाओं पर रोक लग सके।
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