"टूटी गलियों के लिए फंड नहीं, दफ्तर बनेगा 10 करोड़ का": PDDU नगर पालिका के प्लान पर बोले-संतोष पाठक
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हाईटेक नगर पालिका कार्यालय का विरोध शुरू हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी और जनप्रतिनिधियों की अदूरदर्शिता बताया है।
पीडीडीयू नगर पालिका दफ्तर पर उठे सवाल
10 करोड़ के हाईटेक कार्यालय का विरोध
टूटी गलियों और नालियों पर ध्यान नहीं
व्यापारियों के लिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की मांग
नगर पालिका में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
चंदौली जिले में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने नए नगर पालिका कार्यालय भवन के निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि नगर के सभी 25 वार्डों में गलियां और नालियां जर्जर हालत में हैं। हर तरफ कीचड़ फैला हुआ है, जिसकी वजह से स्थानीय नागरिक और स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे रोज गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
जनता की मूलभूत समस्याओं को नजरअंदाज कर नगर पालिका प्रशासन अपने लिए फाइव स्टार दफ्तर बनवाने में जुटा हुआ है। अधिवक्ता पाठक ने तंज कसते हुए कहा कि जब टूटी नालियों और सड़कों की मरम्मत के लिए पालिका के पास बजट नहीं है, तो चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी के लिए 10 करोड़ रुपये कहां से आ गए?

बजट का गणित: हर वार्ड को मिलते 36 लाख रुपये
अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने आरोप लगाया कि 10 करोड़ रुपये की भारी रकम को ऐरो-कंडीशनर चैंबर और लिफ्ट वाले हाईटेक कार्यालय पर खर्च करना जनहित के खिलाफ है। अगर इस 10 करोड़ रुपये को नगर के सभी 25 वार्डों में बराबर बांट दिया जाता, तो हर वार्ड को लगभग 36 लाख रुपये मिलते।
इस बजट से हर वार्ड में 5 से 6 फीट चौड़ी और करीब 4 किलोमीटर लंबी पक्की सड़कें बन सकती थीं। इससे पूरे शहर की तस्वीर बदल जाती और जनता को कीचड़ भरे रास्तों से हमेशा के लिए निजात मिल जाती। लेकिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी नगर वासियों की सहूलियत के बजाय अपने ऐशो-आराम को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कमीशनखोरी और व्यापारियों की उपेक्षा का लगाया आरोप
संतोष पाठक ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाईटेक दफ्तर के निर्माण में नेताओं और अफसरों को मोटा कमीशन मिलेगा, इसीलिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस पुराने फायर ब्रिगेड वाली जमीन पर दफ्तर बन रहा है, वहां व्यापारियों के लिए एक शानदार शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनवाया जा सकता था।
सड़क चौड़ीकरण में जिन दुकानदारों की दुकानें टूटी हैं और भविष्य में टूटने वाली हैं, उन्हें इस कॉम्प्लेक्स में दुकानें आवंटित कर रोजी-रोटी का साधन दिया जा सकता था। लेकिन नगर पालिका और स्थानीय विधायक न तो व्यापारियों के प्रति संवेदनशील हैं और न ही जनता के प्रति। इस मौके पर उनके साथ अजय कुमार यादव गोलू, पिंटू, ललित और विनोद समेत कई लोग मौजूद रहे।
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