काली माता मंदिर का ढांचा हटाने के दौरान मजदूर बलदेव की गई जान, जांच के लिए मजिस्ट्रेट कमेटी गठित, मुआवजा देगी एप्को कंपनी
पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान पुराने काली माता मंदिर का आंशिक ढांचा हटाते समय एक बड़ा हादसा हो गया। मलबे की चपेट में आने से मजदूर बलदेव यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें...
पीडीडीयू नगर में हुआ दर्दनाक हादसा
मजदूर बलदेव यादव की इलाज के दौरान मौत
एप्को कंपनी देगी पीड़ित परिवार को मुआवजा
सुरक्षा मानकों की जांच के लिए कमेटी गठित
नए मंदिर में पहले ही हो चुका था विस्थापन
चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर (मुगलसराय) से एक बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण खबर सामने आई है। जनपद में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 की रात को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ स्थित प्राचीन काली माता मंदिर के बचे हुए आंशिक ढांचे को हटाने का काम चल रहा था, तभी अचानक गिरे मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने तुरंत मौके का मुआयना किया और मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक उच्चस्तरीय टीम का गठन कर दिया है। सरकार और काम कर रही अनुबंधित कंपनी 'एप्को' द्वारा पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और उचित मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

विधि-विधान से पहले ही हो चुका था मंदिर का विस्थापन
प्रशासनिक अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) से मिली जानकारी के मुताबिक, इस प्राचीन काली माता मंदिर का विस्थापन मंदिर समिति द्वारा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ 8 जुलाई 2026 को ही नए मंदिर में किया जा चुका था। इसके बाद, मार्ग निर्माण के काम को आगे बढ़ाने के लिए पुराने ढांचे को हटाना जरूरी था।
सम्बन्धित उप जिलाधिकारी (SDM), पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति की आपसी सहमति के बाद यह तय हुआ कि 10 जुलाई की रात को सड़क निर्माण का जिम्मा संभाल रही अनुबंधित एप्को (APCO) कंपनी द्वारा इस पुराने ढांचे को हटाया जाएगा। इसी फैसले के क्रम में लोक निर्माण विभाग और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कंपनी ने रात को काम शुरू कराया था।
सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे बलदेव यादव पर गिरा मलबा
काम के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए मंदिर के आसपास के पूरे इलाके को अच्छी तरह से बैरिकेड किया गया था और भारी मशीनों की मदद से ढांचा गिराया जा रहा था। इसी दौरान मुगलसराय के ग्राम डाडी के रहने वाले एप्को कंपनी के मजदूर श्री बलदेव यादव वहां बैरिकेडिंग की सुरक्षा-व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे।
तभी अचानक मंदिर के ऊपरी भाग की एक भारी संरचना भरभराकर नीचे गिर गई। बलदेव यादव इसकी आंशिक रूप से चपेट में आ गए और गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने बिना वक्त गंवाए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उनका दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो गया।
सुरक्षा मानकों की जांच के लिए बैठी मजिस्ट्रेट कमेटी
प्रशासन ने इस पूरी घटना को एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया है। हालांकि, यह साफ करने के लिए कि इस काम में कार्यदायी संस्था या ठेकेदार के स्तर पर सुरक्षा मानकों को लेकर कोई लापरवाही या ढिलाई तो नहीं बरती गई थी, एक मजिस्ट्रेट कमेटी का गठन कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए शव का पोस्टमार्टम करा दिया है और मौके पर पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है। प्रशासन ने मृतक बलदेव यादव के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। नियमानुसार पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए एप्को कंपनी की तरफ से तुरंत उचित मुआवजा राशि स्वीकृत की जा रही है और अन्य सभी सरकारी मदद की विधिक कार्यवाही भी तेजी से अमल में लाई जा रही है।
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