रेलवे से शराब तस्करी रोकने का बना प्लान, DFC कॉरिडोर की सुरक्षा पर जोर
पर्व-त्योहारों और बिहार विधानसभा चुनाव में होती है तस्करी
त्योहार और बिहार चुनाव को लेकर DFC कॉरिडोर की सुरक्षा पुख्ता
तस्करी पर लगेगी रोक
चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल मंडल आगामी पर्व-त्योहारों और बिहार विधानसभा सामान्य चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए रेलवे एवं डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है। खासकर शराब तस्करी की रोकथाम के लिए सुरक्षा एजेंसियां सजग हैं। बताया जा रहा है कि तस्कर खाली मालगाड़ियों का उपयोग कर शराब की खेप बिहार भेजने की साजिश में सक्रिय रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि उनके मंसूबों को किसी भी कीमत पर विफल किया जाए।

इसी क्रम में शुक्रवार, 26 सितंबर को महानिरीक्षक सह महाप्रबंधक सुरक्षा श्री आशीष मिश्रा की अध्यक्षता में मानसनगर सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंडित दीनदयाल मंडल के स्थानीय निरीक्षक प्रभारी, DFC के सुरक्षा अधिकारी और सोननगर से ऊंचडीह तक DFC सुरक्षा में तैनात पूर्व सैनिक शामिल हुए।
बैठक में महानिरीक्षक सुरक्षा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि रेल सुरक्षा बल और DFC के सुरक्षा कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। विशेष रूप से शराब तस्करों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उन्हें कड़ी चुनौती देने की आवश्यकता है। त्योहार और चुनाव के दौरान अपराधियों की सक्रियता बढ़ जाती है, ऐसे में समय रहते सटीक आसूचना एक-दूसरे से साझा करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि खाली मालगाड़ियों का दुरुपयोग कर होने वाली शराब तस्करी को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देना है। रेल परिक्षेत्र में अवस्थित DFC के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा का संयुक्त मूल्यांकन करते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
बैठक में रेलवे सुरक्षा बल डीडीयू के निरीक्षक प्रभारी पी.के. रावत, मानसनगर निरीक्षक प्रभारी शहीद खान, क्राइम ब्रांच निरीक्षक प्रभारी अर्जुन यादव, मंडल निरीक्षक अरुण राम, निरीक्षक बी.के. तिवारी, विशेष आसूचना निरीक्षक प्रभारी संदीप कुमार, निरीक्षक ब्रजेश कुमार सहित DFC डीडीयू के वरिष्ठ निरीक्षक सुरक्षा वी.के. सिंह और मिर्जापुर निरीक्षक सुरक्षा अखिलेश तिवारी मौजूद रहे। इसके अलावा DFC सुरक्षा में तैनात 30 पूर्व सैनिकों ने भी बैठक में भागीदारी की।
वर्तमान में DFC में 60 पूर्व सैनिकों की तैनाती की गई है। पूर्व सैनिकों के अनुभव और अनुशासन से कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है। सुरक्षा बलों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे केवल तस्करी रोकने तक सीमित न रहें बल्कि रेल संपत्ति और बुनियादी ढांचे को भी चाक-चौबंद सुरक्षा प्रदान करें।
महानिरीक्षक आशीष मिश्रा ने अंत में कहा कि बेहतर तालमेल, सतर्कता और अनुशासन के साथ ही रेलवे और DFC की सुरक्षा को नई ऊंचाई पर ले जाया जा सकता है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







