PDDU मंडल के 32 स्टेशनों पर रेल नीर का संकट, दानापुर प्लांट बंद होने से 6 रुपये महंगी बिक रही पानी की बोतल
दानापुर स्थित रेल नीर प्लांट में उत्पादन बंद होने से पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के 32 स्टेशनों पर पेयजल संकट गहरा गया है। रेल नीर की अनुपलब्धता का फायदा उठाकर विक्रेता यात्रियों से निर्धारित 14 रुपये के बजाय 20 रुपये वसूल रहे हैं।
पीडीडीयू मंडल के 32 स्टेशनों पर रेल नीर ठप
दानापुर प्लांट बंद होने से पैदा हुआ पेयजल संकट
14 रुपये वाली बोतल अब 20 रुपये में उपलब्ध
प्रतिदिन 50 हजार लीटर पानी की आपूर्ति प्रभावित
6 फरवरी तक जारी रहेगी रेल नीर की किल्लत
चंदौली जिले के पं. दीनदयाल उपाध्याय (PDDU) रेल मंडल के यात्रियों के लिए सफर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले छह दिनों से मंडल के 32 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आईआरसीटीसी के 'रेल नीर' ब्रांड के पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। दानापुर स्थित रेल नीर प्लांट में उत्पादन बंद होने के कारण यह संकट पैदा हुआ है, जिससे न केवल स्टेशनों पर बल्कि पटना रूट की ट्रेनों में भी पेयजल की किल्लत देखी जा रही है।

दानापुर प्लांट में उत्पादन बंद होने का असर
आईआरसीटीसी के दानापुर स्थित प्लांट से पीडीडीयू जंक्शन, पटना, गया, बक्सर और सासाराम जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को पानी की सप्लाई की जाती है। इस प्लांट में उत्पादन बंद होने के कारण प्रतिदिन होने वाली करीब 50 हजार बोतल पानी की खपत प्रभावित हुई है। अकेले पीडीडीयू जंक्शन पर रोजाना 12 हजार बोतलों की मांग रहती है। आईआरसीटीसी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 27 जनवरी से शुरू हुआ यह संकट 6 फरवरी तक जारी रहने की संभावना है।
14 की जगह 20 रुपये: यात्रियों से हो रही अवैध वसूली
रेल नीर की सबसे बड़ी खासियत इसकी निर्धारित कीमत है। 23 सितंबर को जीएसटी दरों में कटौती के बाद रेल नीर की कीमत 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये कर दी गई थी। रेल नीर न मिलने की स्थिति में रेलवे प्रशासन ने 14 अन्य ब्रांडों (जैसे बिसलेरी, एक्वाफिना आदि) को बेचने की अनुमति दी है, बशर्ते उन्हें भी 14 रुपये में ही बेचा जाए।
हालांकि, धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। पीडीडीयू जंक्शन पर आने वाले 30 हजार यात्रियों और गुजरने वाली 300 ट्रेनों के मुसाफिरों से अन्य ब्रांड के नाम पर 20 रुपये प्रति बोतल वसूले जा रहे हैं। विक्रेता प्रति बोतल 6 रुपये की अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं, जिससे यात्रियों में भारी रोष है।
प्रमुख स्टेशनों पर मांग का गणित
पीडीडीयू मंडल में पेयजल की मांग का स्तर काफी ऊंचा है। जंक्शन पर प्रतिदिन एक हजार कंटेनर पानी की खपत होती है, जबकि गर्मी के दिनों में यह मांग 24 हजार बोतलों तक पहुंच जाती है। इसी तरह गया, सासाराम और भभुआ रोड जैसे स्टेशनों पर भी भारी मांग रहती है। यात्रियों ने मांग की है कि जब तक रेल नीर की सप्लाई बहाल नहीं होती, तब तक अन्य ब्रांडों की एमआरपी पर सख्त नियंत्रण रखा जाए।
स्टेशनों और ट्रेनों में वैकल्पिक व्यवस्था
रेलवे प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक ब्रांड बेचने की अनुमति दी है। इनमें बिसलेरी, एक्वाफिना, हेल्थ प्लस और गैलन्स जैसे 14 ब्रांड शामिल हैं। हावड़ा-दिल्ली रूट और पटना रूट की ट्रेनों के पेंट्रीकार में भी अब इन्हीं ब्रांडों का सहारा लिया जा रहा है। पीडीडीयू मंडल के पीआरओ विश्वनाथ के अनुसार, "दानापुर प्लांट से सप्लाई बंद है, लेकिन स्टेशनों पर अन्य स्वीकृत ब्रांड उपलब्ध कराए गए हैं। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए रेट की निगरानी की जा रही है।"
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