रेलवे सुरक्षा में कुलियों का सहयोग, अपराध रोकने में करेंगे अहम भूमिका
कुलियों को सुरक्षा सहयोगी के रूप में शामिल किया गया
यात्रियों की सुरक्षा को बनाए रखने का मुख्य उद्देश्य
प्लेटफार्म और ट्रेन पर अपराध रोकने में मदद
चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा एजेंसियां कुलियों को अपना सहयोगी बना रही हैं। अब रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले कुलियों को सुरक्षा एजेंसियों का मित्रवत सहयोगी माना जाएगा और उन्हें औपचारिक तौर पर वर्दी व गमछा प्रदान किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों और प्लेटफार्म पर बढ़ते अपराध पर काबू पाना है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कुलियों का यात्रियों से सीधा संपर्क होता है। वे यात्रियों का सामान उठाकर ट्रेन तक पहुँचाते हैं और ट्रेन में चढ़ने-उतरने से पहले यात्रियों के पास पहुँचते हैं। इसी कारण, कुलियों की मदद से संभावित अपराधियों की पहचान करना और समय रहते सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान हो जाता है। इस पहल से न केवल अपराध रोकने में मदद मिलेगी बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आरपीएफ, जीआरपी और वाणिज्य विभाग ने गोष्ठी आयोजित कर कुलियों के साथ संवाद करना शुरू किया है। यहाँ लगभग 80 कुली कार्यरत हैं और प्रतिदिन लगभग 25,000 यात्री इस जंक्शन से यात्रा करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने कुलियों के साथ मित्रवत व्यवहार और नियमित संवाद बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि अपराध रोकथाम में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कुलियों की जिम्मेदारी यात्रियों का सामान उठाना, प्लेटफार्म या ट्रेन तक पहुँचाना, दिशा-निर्देश देना और यात्री सहायता करना है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कुली पहले से ही आरपीएफ और जीआरपी के साथ काम करते आ रहे हैं, लेकिन अब उनके साथ और अधिक नजदीकी बढ़ाई जा रही है।
इस संबंध में सीनियर आरपीएफ कमांडेंट जविन वी. राज ने बताया कि जंक्शन पर तीर्थयात्रियों और आम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुलियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना आरपीएफ को दें और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें। इस पहल से जंक्शन पर यात्रा करना सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनेगा।
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