लोको अस्पताल में लापरवाही के आरोप पर हंगामा करने वाले 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज, अब होगा एक्शन
मुगलसराय में रेलवे अस्पताल में डॉक्टरों से दुर्व्यवहार
आरपीएफ ने 5 लोगों पर दर्ज किया केस
जानिए रेलवे अस्पताल में क्यों हुआ था हंगामा
आखिर क्या है बवाल वाला पूरा मामला
चंदौली जिले के मुगलसराय कस्बे में स्थित रेलवे के लोको अस्पताल में बीते दिनों चिकित्सकों पर लापरवाही (Doctor Negligence) का आरोप लगाकर कुछ लोगों द्वारा हंगामा किया गया था। यह घटना असिस्टेंट लोको पायलट किशोर कुमार के इलाज से जुड़ी हुई है, जिन्हें सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीते शनिवार की शाम, इस हंगामे के चलते रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। डॉक्टरों की ओर से दर्ज कराए गए इस मुकदमे से स्थानीय रेलकर्मियों में हड़कंप मच गया है।
सहायक लोको पायलट का इलाज और विवाद की जड़
रेलवे में सहायक लोको पायलट किशोर कुमार बीते छह नवंबर को एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। परिजनों ने उन्हें लोको मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि नौ नवंबर को चिकित्सकों ने उन्हें फिट बताकर छुट्टी (Discharge) दे दी, लेकिन उसी दिन तबियत फिर से खराब होने पर जब परिजन उन्हें वापस अस्पताल लेकर गए तो चिकित्सकों ने भर्ती लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद किशोर कुमार को एक निजी अस्पताल (Private Hospital) में भर्ती कराया गया। 11 नवंबर को उन्हें एक बार फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती किया गया।
पत्नी का आरोप और दुर्व्यवहार की घटना
14 नवंबर को यह विवाद तब बढ़ गया जब घायल किशोर कुमार की पत्नी नैंसी ने अस्पताल में चिकित्सकों पर पति को गलत इंजेक्शन लगाने और इलाज में लापरवाही (Medical Negligence) का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और शोरगुल मचाया। आरोप है कि इस दौरान नैंसी और अन्य लोगों द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार (Misbehavior) भी किया गया। चिकित्सकों और कर्मचारियों ने इस व्यवहार को सरकारी कार्य में बाधा (Obstruction of Official Work) माना।
डॉक्टर की तहरीर पर 5 लोगों पर केस
चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार ने इस पूरी घटना की लिखित सूचना तुरंत सीएमएस डॉ. केशव चंप्रमनारी और आरपीएफ को दी। चिकित्सक की तहरीर (Complaint) के आधार पर आरपीएफ ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें सहायक लोको पायलट किशोर कुमार, उनकी पत्नी नैंसी, वेलफेयर इंस्पेक्टर अमित सिंह, ईसीआरईयू के डीके मिश्र और कमलेश मांझी शामिल हैं। इन सभी पर सरकारी काम में बाधा डालने और चिकित्सकों से दुर्व्यवहार करने के मामले में रेलवे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
RPF की कार्रवाई और FIR दर्ज
वरिय मंडल सुरक्षा अधिकारी जेथिन बी राज ने इस पूरे मामले में जानकारी देते हुए पुष्टि की है कि अस्पताल में हंगामा और दुर्व्यवहार करने के आरोप में पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है। आरपीएफ की यह कार्रवाई डॉक्टरों को सुरक्षा देने और सरकारी अस्पताल के कामकाज को सुचारू बनाए रखने की दिशा में एक सख्त कदम है। यह घटना रेलकर्मियों और उनके परिजनों के बीच एक चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां इलाज की गुणवत्ता और कर्मचारियों के साथ व्यवहार दोनों ही मुद्दे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*






