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ऐतिहासिक राजघाट पुल पर मरम्मत का काम शुरू, रेलवे से हरी झंडी के बाद ऐतिहासिक मालवीय पुल की मरम्मत शुरू, जर्जर ड्रेनेज बदलने के लिए PWD ने आधी रात रोका ट्रैफिक

चंदौली और वाराणसी को जोड़ने वाले ऐतिहासिक राजघाट (मालवीय) पुल की मरम्मत का काम मंगलवार रात से शुरू हो गया है। अगले 60 दिनों तक रोजाना रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

 

राजघाट मालवीय पुल पर मरम्मत कार्य शुरू

लोक निर्माण विभाग को मिला 60 दिन का मेगा ब्लॉक

रात 10 से सुबह 7 बजे तक आवाजाही पूरी तरह बंद

पड़ाव और राजघाट क्षेत्र में पुलिस ने की बैरिकेडिंग

जर्जर ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाएंगे

चंदौली और वाराणसी जिले को आपस में जोड़ने वाले ऐतिहासिक राजघाट (मालवीय) पुल को लेकर एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है। इस लाइफलाइन माने जाने वाले पुल पर लंबे समय से प्रस्तावित मरम्मत का काम मंगलवार रात से आखिरकार शुरू हो गया है। इस काम को पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कमर कस ली है।

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60 दिनों का मिला मेगा ब्लॉक, रात में नो-एंट्री
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इस मरम्मत कार्य को सही तरीके से अंजाम देने के लिए रेलवे विभाग से पूरे 60 दिनों का 'मेगा ब्लॉक' हासिल किया है। इसके तहत पुल पर ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट को बदलने का काम किया जा रहा है। इसी वजह से अब रोजाना रात 10 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक पुल पर सभी तरह के वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों की आवाजाही पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।

बैरिकेडिंग कर रोका रास्ता, वापस लौटाए गए लोग
मंगलवार की रात जैसे ही मरम्मत का काम शुरू हुआ, प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पुल के दोनों तरफ यानी पड़ाव और राजघाट क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग लगा दी। मौके पर पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीमें तैनात रहीं, जिन्होंने रात के समय पुल पार करने पहुंचे राहगीरों और वाहन चालकों को समझाकर वापस लौटाया। देर रात आने वाले सभी वाहनों को सामनेघाट और रामनगर मार्ग की तरफ डायवर्ट किया गया। इस दौरान इमरजेंसी में जा रहे शव वाहनों तक को भी इसी वैकल्पिक रास्ते से भेजा गया।

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20 साल बाद बदले जा रहे हैं जर्जर उपकरण
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि इस ऐतिहासिक पुल पर लगे कई ड्रेनेज स्पाउट (पानी निकासी के पाइप) काफी ज्यादा जर्जर और पुराने हो चुके हैं। इसकी वजह से बरसात के मौसम में पुल से पानी बाहर नहीं निकल पाता है और जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। आपको बता दें कि करीब 20 साल पहले इन उपकरणों को बदला गया था। अब इनके साथ-साथ एक्सपेंशन ज्वाइंट की भी मरम्मत की जाएगी ताकि पुल की मजबूती और सुरक्षा हमेशा बनी रहे।

यातायात विभाग का विशेष डायवर्जन प्लान
पुल बंद रहने के दौरान जनता को परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक विभाग ने एक खास डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके तहत पड़ाव से राजघाट और राजघाट से पड़ाव की तरफ आने-जाने वाले सभी हल्के वाहनों को रामनगर-सामनेघाट पुल के रास्ते से भेजा जाएगा। इसके साथ ही, बिहार की तरफ से आने वाले जितने भी भारी और लंबी दूरी के वाहन हैं, उन्हें शहर के अंदर आने के बजाय रिंग रोड और हाईवे के वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा।

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पिछले साल रेलवे की आपत्ति से रुक गया था काम
गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर के महीने में भी पीडब्ल्यूडी ने इस पुल की मरम्मत के लिए ब्लॉक लिया था। उस समय कुल 70 ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाने थे, लेकिन मरम्मत के दौरान कुछ मलबा नीचे रेलवे ट्रैक पर गिर गया था। इसके बाद रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए तकनीकी आपत्ति जताई और काम को बीच में ही रोक दिया था, जिससे केवल चार ही पाइप बदले जा सके थे।

प्रशासन ने की जनता से सहयोग की अपील
अब रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बड़े अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल और बातचीत के बाद दोबारा इस अधूरे काम को शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून यानी बारिश का मौसम पूरी तरह सक्रिय होने से पहले यह काम निपटाना बेहद जरूरी है। प्रशासन ने आम जनता से यह अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले इस डायवर्जन प्लान को अच्छी तरह समझ लें और तय किए गए वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें, ताकि मरम्मत का काम बिना किसी बाधा के समय पर पूरा हो सके।

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