विधायक जी कर लीजिए कभी रसूलपुर गांव का दौरा, आजादी के 77 साल बाद भी नहीं बनी गांव में पक्की सड़क
चंदौली जिले के नियामताबाद ब्लॉक के रसूलपुर गांव में आजादी के 77 साल बाद भी पक्की सड़क नहीं बनी है। गांव के लोग खेत की पगडंडी से ही आवागमन करते हैं।
रसूलपुर और सीतापुर के 28 सौ लोगों को पक्की सड़क का इंतजार
पांच वर्षों से ग्रामीण जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कर रहे सड़क की मांग
मांग पूरी न होने स ग्रामीणों में रोष
चंदौली जिले के नियामताबाद ब्लॉक के रसूलपुर गांव में आजादी के 77 साल बाद भी पक्की सड़क नहीं बनी है। गांव के लोग खेत की पगडंडी से ही आवागमन करते हैं।
आपको बता दें कि बारिश या आपातस्थिति में लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने कई बार नेताओं और अधिकारियों से गांव में पक्की सड़क बनवाने के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बताते चलें कि सीतापुर से रसूलपुर के बीच तीन सौ मीटर का कच्चा मार्ग है। मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोनों गांव के करीब 2800 लोग पगडंडी से आवागमन करते हैं। बारिश होने पर कच्चे मार्ग पर कीचड़ पसर जाता है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में ज्यादा परेशानी होती है।
गांव के पास ही सतगुरु कबीर आश्रम है। यहां रोजाना हजारों अनुयायी आते हैं। गांव में पक्की सड़क न होने से अनुयायियों के साथ ही किसानों और स्कूली बच्चों को दिक्कत होती है।
रसूलपुर गांव की 15 सौ और सीतापुर की आबादी 13 सौ हैं। ग्रामीण पांच वर्षों से गांव में पक्की सड़क बनवाने की मांग जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कर रहे हैं। मांग पूरी न होने स ग्रामीणों में रोष है।
इस संबंध में एसडीएम आलोक कुमार का कहना है कि रसूलपुर गांव की समस्या अभी तक संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराकर नियमानुसार कार्य किया जाएगा।
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