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दिव्यांगों के राशन कार्ड से लेकर भूमि विवाद तक, डीएम के सामने खुले समस्याओं के कई पिटारे

पीडीडीयू नगर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम प्रधानों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और मतदान केंद्र की समस्या उठाई। डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने 65 प्रार्थना पत्रों पर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं।

 
 

गोपालपुर ग्राम पंचायत सरकारी जमीन विवाद

फत्तेपुर में मतदान केंद्र स्थापना की मांग

संपूर्ण समाधान दिवस में दिव्यांगों की समस्याएं

पीडीडीयू नगर तहसील जनसुनवाई अपडेट

जन्म प्रमाण पत्र और राशन कार्ड शिकायतें

चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर तहसील सभागार में आयोजित 'संपूर्ण समाधान दिवस' में फरियादियों की समस्याओं का अंबार लगा रहा। जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 65 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। सबसे महत्वपूर्ण मामला गोपालपुर ग्राम पंचायत का रहा, जहां की प्रधान फातिमा बेगम ने आरोप लगाया कि पंचायत की सरकारी भूमि पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिलाधिकारी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल जांच कर भूमि को कब्जामुक्त कराने के सख्त निर्देश दिए।

मतदान केंद्र दूर होने से ग्रामीणों को परेशानी
समाधान दिवस में फत्तेपुर ग्राम पंचायत की प्रधान सावित्री पटेल ने एक व्यावहारिक समस्या प्रशासन के सामने रखी। उन्होंने बताया कि उनकी पंचायत में 2500 मतदाता हैं, लेकिन मतदान केंद्र पड़ोसी ग्राम पंचायत गौरैया में है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को मतदान के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि फत्तेपुर में ही नया मतदान केंद्र स्थापित किया जाए। इस मांग पर डीएम ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

दिव्यांग और आम नागरिक भी हुए परेशान
समाधान दिवस में प्रशासनिक उदासीनता के कई उदाहरण भी देखने को मिले। खजूरगांव के दिव्यांग सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने शिकायत की कि वे राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार तहसील दिवस के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, नियामताबाद के मंगल राम ने तीन महीने से जन्म प्रमाण पत्र न मिलने का दर्द बयां किया। चन्धासी गांव के दिव्यांग हंसराज ने अपनी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जे और जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई।

अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने मौके पर ही 7 शिकायतों का निस्तारण कराया, जबकि शेष 58 प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंप दिया गया। डीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि समस्याओं का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे, उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा, तहसीलदार राहुल सिंह और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाईके राय सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता की समस्याओं के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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