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शनि मंदिर के पास काली मंदिर निर्माण पर विवाद, नगरवासियों ने किया जोरदार प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे सिक्स लेन निर्माण का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि चाहते हैं कि पहले अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जाए और फिर ही मंदिर को कहीं और स्थानांतरित किया जाए।
 

शनि मंदिर के पास काली मंदिर को लेकर विवाद

वरिष्ठ अधिवक्ता ने निर्माण को बताया अतिक्रमण

विकास कार्य और धार्मिक आस्था में टकराव

बिना अनुमति हो रहा अवैध निर्माण कार्य

प्रशासन से अवैध निर्माण रोकने की मांग

चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर में शनि मंदिर के पास काली मंदिर का हो रहा निर्माण विवादों में घिर गया है। सिक्स लेन सड़क की मांग कर रहे स्थानीय लोगों और समर्थकों ने रविवार को शनि मंदिर के सामने प्रदर्शन कर निर्माण कार्य का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि काली मंदिर का निर्माण अवैध तरीके से किया जा रहा है, जिससे न केवल अतिक्रमण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि नगर के विकास की राह भी अवरुद्ध हो जाएगी।


अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक का कड़ा बयान

वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने कहा कि मुगलसराय का काली मंदिर सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है। इसे केवल तभी स्थानांतरित किया जाना चाहिए जब पूरे क्षेत्र का अतिक्रमण हटाकर सिक्स लेन का निर्माण हो। उन्होंने सवाल उठाया कि शनि मंदिर के पास काली मंदिर का निर्माण करके एक और अतिक्रमण क्यों खड़ा किया जा रहा है।
नियमों की अनदेखी का आरोप

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार पीडब्ल्यूडी की जमीन पर किसी भी प्रकार का धार्मिक स्थल, चाहे मंदिर हो, मस्जिद या गुरुद्वारा, नहीं बनाया जा सकता। इसके बावजूद शनि मंदिर के पास नया मंदिर क्यों बनाया जा रहा है? पाठक का कहना था कि नगर में पहले से ही काली माता के नाम की जमीन मौजूद है, तो वहां मंदिर क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा।
अतिक्रमण को वैध ठहराने की साजिश

अधिवक्ता दुर्गेश पांडेय ने आरोप लगाया कि शनि मंदिर के बगल में काली मंदिर का निर्माण इसलिए कराया जा रहा है ताकि वहां दुकानें खोली जा सकें और आसपास के अतिक्रमण को वैध ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि यह नगर वासियों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।


भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप

पवन सिंह ने कहा कि शनि मंदिर के पास काली मंदिर बनाना नगर की जनता की आस्था से सीधा खिलवाड़ है। वहीं अजय यादव गोलू ने सवाल किया कि किसी धार्मिक स्थल का निर्माण शौचालय से सटे स्थान पर कैसे किया जा सकता है। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताया।
धार्मिक आस्था और विकास की जंग

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि काली माता नगर की पूजनीय देवी हैं, लेकिन उन्हें शनि मंदिर के पास बैठाना उचित नहीं है। योगेश अब्भि ने कहा कि अगर काली मंदिर को यहां बैठाया गया तो सिक्स लेन बनने के समय इसे फिर से हटाना पड़ेगा। उन्होंने इसे अवैध और अनुचित कदम करार दिया।
अवैध निर्माण पर उठे सवाल

सोनू सिंह ने कहा कि बिना भूमि पूजन और बिना प्रशासनिक अनुमति के पीडब्ल्यूडी की जमीन पर मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम के पीछे कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ और व्यवसायिक हित साधना चाहते हैं।
नगरवासियों का स्पष्ट संदेश

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे सिक्स लेन निर्माण का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि चाहते हैं कि पहले अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जाए और फिर ही मंदिर को कहीं और स्थानांतरित किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर अवैध निर्माण रोका नहीं गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।


प्रदर्शन में जुटी भीड़

इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक, चंद्रभूषण मिश्रा, दुर्गेश पांडेय, पवन सिंह, अजय यादव गोलू, उमेंद्र सिंह चंदेल, योगेश अब्भि, अभिषेक मिश्रा सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाए और नगर के विकास में बाधा डालने वाली हर गतिविधि पर अंकुश लगाया जाए।

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