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श्रीराम जानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जा, प्लाटिंग करके 10 लाख में रास्ता बेचने का आरोप, जांच की मांग

पीडीडीयू नगर में समाधान दिवस पर श्रीराम जानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जे और प्लाटिंग का मामला सामने आया। 10 लाख में रास्ता देने का भी आरोप है।

 
 

मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर प्लाटिंग का आरोप

पीडीडीयू नगर समाधान दिवस में शिकायत

10 लाख में रास्ता बेचने का गंभीर आरोप

बिना अनुमति जमीन क्रय-विक्रय की कोशिश

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से जांच की मांग

चंदौली जिले की पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील में शनिवार को आयोजित 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में चल रही जनसुनवाई में फरियादी श्रीराम जानकी शिव मंदिर ट्रस्ट की बेशकीमती जमीन पर कथित अवैध कब्जे और प्लाटिंग की शिकायत लेकर पहुंचे। फरियादियों ने डीएम को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई।

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सरकारी अभिलेखों में दर्ज है मंदिर की जमीन

शिकायतकर्ता शुभम कुमार (पुत्र स्वर्गीय कैलाश) और जवाहिर बिन्द (निवासी गौरी, बिलारीडीह) ने बताया कि मौजा गौरी (परगना धूस, तहसील पीडीडीयू नगर) क्षेत्र में स्थित आराजी संख्या 186, 192ख और 194 की जमीन सरकारी अभिलेखों में स्पष्ट रूप से 'श्रीराम जानकी शिव मंदिर ट्रस्ट' के नाम पर दर्ज है। यह जमीन किसी व्यक्तिगत स्वामित्व की नहीं बल्कि पूरी तरह धार्मिक और सामाजिक ट्रस्ट की है।

अध्यक्ष पर बिना सहमति प्लाटिंग का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेंद्र बिन्द ने ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों को किसी भी तरह की जानकारी दिए बिना और बिना किसी आधिकारिक बैठक के ही जमीन की प्लाटिंग तथा क्रय-विक्रय की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रामीणों और अन्य ट्रस्ट पदाधिकारियों का कहना है कि वे इस मनमाने रवैये और कदम से पूरी तरह असहमत हैं और किसी को भी सार्वजनिक संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं है।

रास्ता देने के नाम पर 10 लाख रुपये के लेन-देन का आरोप

शिकायत पत्र में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि संबंधित जमीन पर रास्ता उपलब्ध कराने के नाम पर कथित तौर पर 10 लाख रुपये की मोटी रकम का लेन-देन किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि निर्णय लेते समय सभी पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों की सहमति को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया, जिससे धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।

पहले भी दिया गया था प्रार्थना पत्र, कार्रवाई न होने पर दोबारा पहुंचे

शिकायत में दशरथ नामक व्यक्ति की ओर से बताया गया कि इस अवैध कब्जे और प्लाटिंग के संबंध में जिला प्रशासन को पहले भी प्रार्थना पत्र दिया गया था। लेकिन उनके अनुसार प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी वजह से एक बार फिर सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर उन्होंने जिलाधिकारी के सामने इस मामले को प्रमुखता से उठाया।

कठोर कानूनी कार्रवाई की उठाई मांग

फरियादियों ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से जमीन के सभी राजस्व अभिलेखों की गहनता से जांच कराने, अवैध रूप से की जा रही प्लाटिंग व कब्जे को तुरंत रुकवाने और आरोप सही पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाता है, क्योंकि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

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