जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

चंदौली जमीन धांधली में बड़ी कार्रवाई: 3 SDM सस्पेंड, अवैध कब्जेदारों को फायदा पहुँचाने का आरोप

चंदौली की डीडीयू नगर तहसील में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कराने और 20 आरसी नोटिस वापस लेने के गंभीर आरोपों में तीन एसडीएम को निलंबित कर दिया गया है। डीएम की जांच रिपोर्ट के बाद प्रमुख सचिव ने यह सख्त आदेश जारी किया।

 
 

 तीन पीसीएस अधिकारियों पर गिरी गाज


 बेशकीमती सरकारी जमीनों की हुई क्षति


 20 रिकवरी नोटिस किए गए वापस


 वाराणसी मंडलायुक्त को सौंपी गई जांच


 राजस्व परिषद लखनऊ से हुए संबद्ध

उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार और कर्तव्यहीनता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए चंदौली जिले में तैनात रहे तीन एसडीएम (PCS अधिकारियों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वाले अधिकारियों में विराग पांडेय (वर्तमान तैनाती गाजियाबाद), लालता प्रसाद (वर्तमान तैनाती बुलंदशहर) और सतीश कुमार (वर्तमान तैनाती एटा) शामिल हैं। प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज ने गुरुवार को इन अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया।

क्या है पूरा मामला और जांच रिपोर्ट? 
यह पूरा प्रकरण चंदौली जिले की पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) नगर तहसील से जुड़ा है। जिलाधिकारी चंदौली ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 (1) के तहत निस्तारित पत्रावालियों की जांच कराई थी। इस जांच में पाया गया कि तहसील स्तर पर बेदखली के 20 नोटिसों को नियम विरुद्ध तरीके से वापस लिया गया था। ये नोटिस खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, नवीन परती और बंजर श्रेणी की बेशकीमती जमीनों से जुड़े थे।

अवैध कब्जेदारों को पहुँचाया अनुचित लाभ 
जांच समिति, जिसमें एडीएम (न्यायिक), एसडीएम चकिया और अतिरिक्त एसडीएम चंदौली शामिल थे, ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि तत्कालीन तहसीलदार विराग पांडेय और पीठासीन अधिकारियों (लालता प्रसाद व सतीश कुमार) ने अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया। इन अधिकारियों ने न केवल नोटिस वापस लिए, बल्कि सार्वजनिक गांव सभा और आरक्षित श्रेणी की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के पक्ष में आदेश भी पारित किए। इस मिलीभगत के कारण सरकारी भूमि को भारी क्षति हुई है।

वाराणसी मंडलायुक्त करेंगे मामले की जांच
 जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने इन तीनों अधिकारियों को निलंबित कर राजस्व परिषद कार्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की विस्तृत जांच वाराणसी के मंडलायुक्त को सौंपी गई है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है, खासकर उन अधिकारियों के बीच जो भू-माफियाओं के साथ साठगांठ में संलिप्त रहते हैं।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*