चंदौली में गर्मी से जंग का महाअभियान: 60 लाख पौधों से बदलेगी जिले की सूरत, नौगढ़ में तैयार हुई 'ग्रीन आर्मी'
पूरा पूर्वांचल जब भीषण गर्मी और सूखते जलस्रोतों से परेशान है, तब चंदौली में हरियाली का महाअभियान शुरू हुआ है। जिले में इस साल 60 लाख और अकेले नौगढ़ में 15 लाख पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाने की बड़ी तैयारी है।
चंदौली में लगेगा 60 लाख पौधों का महाअभियान
नौगढ़ की नर्सरियों में 15 लाख पौधे तैयार
पर्यावरण संतुलन के साथ मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
किसानों और आम जनता को भी मिलेंगे पौधे
सरकारी लक्ष्य को जनआंदोलन बनाने की बड़ी तैयारी
जब पूरा पूर्वांचल भीषण गर्मी, सूखते तालाब-पोखरों और पर्यावरण की बदलती चुनौतियों से परेशान है, तब हमारे जनपद चंदौली से राहत देने वाली एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण को सुधारने के लिए अब तक की सबसे बड़ी तैयारी शुरू हो चुकी है। इस साल पूरे जिले में 60 लाख से ज्यादा पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। इसकी पूरी कमान वन विभाग ने संभाल रखी है और नौगढ़ की नर्सरियों में लगभग 15 लाख पौधे बनकर तैयार हो चुके हैं। यह सिर्फ पेड़ लगाने का काम नहीं है, बल्कि चंदौली को बचाने की एक बड़ी मुहिम है।

नौगढ़ बना हरियाली का नया केंद्र
उपवन प्रभाग नौगढ़ इन दिनों हरियाली के सबसे बड़े गढ़ के रूप में सामने आ रहा है। यहाँ के नौगढ़, जयमोहनी और मझागाई इलाकों की सरकारी नर्सरियों में लाखों की संख्या में पौधे उगाए जा रहे हैं। इन नर्सरियों में सागौन, शीशम, नीम, अर्जुन, पीपल, बरगद, जामुन, आंवला और इमली जैसी कीमती और छायादार प्रजातियों के पौधों की भरमार है। वन विभाग के बड़े अधिकारी इसे आने वाले समय के लिए एक बेहतरीन निवेश मान रहे हैं, जो हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा देगा।
डीएफओ बी शिवशंकर का कहना है: "पौधरोपण केवल सरकारी कागजों का लक्ष्य पूरा करना नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। जिस तेजी से तापमान बढ़ रहा है और जंगल घट रहे हैं, उसे देखते हुए इस बार इस अभियान को खास प्राथमिकता दी गई है। हमारी कोशिश है कि ऐसे पौधे ज्यादा लगें जो पर्यावरण के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था और जीव-जंतुओं को भी फायदा पहुंचाएं।"
दिन-रात मेहनत से तैयार हुई 'ग्रीन आर्मी'
इस महाअभियान के लिए नौगढ़ रेंज की नैयाघाट, कहुअवा घाट, नौगढ़ कोठी नर्सरी और जयमोहनी रेंज की बाघी पौधशाला में दिन-रात काम चल रहा है। क्षेत्रीय वनाधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दो मुख्य पौधशालाओं में ही करीब 10 लाख पौधे तैयार हो चुके हैं। वहीं पूरे नौगढ़ उप वन प्रभाग की बात करें तो कुल मिलाकर 15 लाख पौधे तैयार हैं, जिनमें जंगलजलेबी, शीशम, आंवला, नीम और सागौन जैसी कई जरूरी प्रजातियां शामिल हैं।
हर गांव और घर तक पहुंचेगी हरियाली
खास बात यह है कि इस बार यह अभियान सिर्फ सरकारी जमीनों और जंगलों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। वन विभाग इस बार इन पौधों को आम किसानों, स्कूलों, समाज सेवी संस्थाओं और आम जनता तक पहुंचाएगा। अधिकारियों का मानना है कि जब जिले का हर परिवार एक पौधे को पालने-पोसने की जिम्मेदारी उठाएगा, तभी 'हरित चंदौली' का सपना सच हो पाएगा। इसी वजह से प्रशासन इसे सरकारी काम से अलग एक जनआंदोलन बनाने की तैयारी में जुटा है।
चंदौली के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव
काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के डीएफओ बी. शिवशंकर के मुताबिक, तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बहुत जल्द बड़े पैमाने पर अच्छे और मजबूत पौधों को जमीन में रोपा जाएगा। वन विभाग को पूरी उम्मीद है कि यह अभियान केवल सरकारी आंकड़ों में सिमटकर नहीं रह जाएगा, बल्कि आने वाले कुछ सालों में चंदौली को ज्यादा ठंडा, हरा-भरा, साफ-सुथरा और सेहतमंद जिला बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। आज नौगढ़ में तैयार हो रहे ये 15 लाख पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए ठंडी छांव की गारंटी हैं।
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