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नौगढ़ जंगल में भूख प्यास से भटक रहे थे 7 मासूम, CO नामेंद्र और अवधेश कुमार ने बचाया

सूचना मिलते ही नौगढ़ CO और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बच्चों के पिता भी आ गए और अपने मासूमों को देखकर सिसक पड़े। भूखे-प्यासे बच्चों को तत्काल भोजन कराया गया।
 

नौगढ़ मझगाई गांव में बच्चे जंगल में भटक गए

परिजनों और ग्रामीणों में बच्चों की तलाश शुरू

CO नामेंद्र ने बच्चों को गले लगाकर चॉकलेट दी

सातों बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में मझगाई गांव के  7  मासूम सुबह खेलते-खेलते अचानक लापता हो गए। दोपहर होते-होते परिजनों और गांव वालों की सांसें अटक गईं। ये मासूम खेलते-खेलते जंगल की ओर निकल पड़े और रास्ता भटक गए। भूख-प्यास से बेहाल मासूम जब विशेषरपुर के पास दिखे तो किसी के पैरों में छाले थे, किसी की आंखों में डर। वे बोल तक नहीं पा रहे थे। ग्रामीणों ने उन्हें राम कोल के घर लाकर चटाई पर बैठाया और उनकी देखभाल शुरू की। यह नज़ारा देखकर गांव की कई महिलाएं भावुक हो गईं।‌ 

आपको बता दें कि मासूम बच्चों क जानकारी सबसे पहले अवधेश कुमार, जिला उपाध्यक्ष आजाद समाज पार्टी तक पहुंची। उन्होंने तुरंत एसडीएम विकास मित्तल को काल किया और गांव वालों को भरोसा दिलाया कि मासूम सुरक्षित घर लौटेंगे। अवधेश कुमार मौके पर पहुंचे और बच्चों को ढांढस बंधाया। उनकी त्वरित पहल पर CO ने दोनों थानों को अलर्ट कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अवधेश कुमार समय पर न जुटते तो मासूमों की हालत और बिगड़ सकती थी।

Naugarh forest

सूचना मिलते ही नौगढ़ CO और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बच्चों के पिता भी आ गए और अपने मासूमों को देखकर सिसक पड़े। भूखे-प्यासे बच्चों को तत्काल भोजन कराया गया। गांव वालों की भीड़ उमड़ आई और सबने राहत की सांस ली। प्रशासन की तेज़ी और अवधेश कुमार की मौजूदगी ने पूरे गांव का हौसला बढ़ाया।

गरीबी में पल रहे मासूम 

सभी सातो बच्चे मझगाई, नौगढ़ के गरीब परिवारों से हैं। माता-पिता रोज़ाना खेतों में मिर्च तोड़ने जाते हैं और बच्चे घर पर अकेले रह जाते हैं। मजबूरी और गरीबी के चलते ही मासूम बिना देखरेख के रह जाते हैं और ऐसे हादसे बार-बार हो सकते हैं। इस घटना ने गांव में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

CO का मानवीय चेहरा, खिल उठे मासूमों के चेहरे

नौगढ़ CO ने बच्चों को अपने हाथ से चॉकलेट दी और गले लगाकर ढांढस बंधाया। मासूमों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। इसके बाद CO ने अपनी गाड़ी से बच्चों को सुरक्षित घर तक पहुंचाया। इस दृश्य को देखकर  बस्ती के लोग भावुक हो गए। अवधेश कुमार ने  CO का आभार जताया और कहा कि जब प्रशासन और समाज एक साथ खड़ा हो जाए तो इंसानियत हमेशा जीतती है।

बच्चों के नाम 

1. मोहित पुत्र विमलेश (4 वर्ष)

2. हिरनी पुत्री विमलेश (2 वर्ष)

3. रानी पुत्री घमड़ी (3 वर्ष)

4. शिवम् पुत्र घमड़ी (5 वर्ष)

5. सूरज पुत्र मोहन (5 वर्ष)

6. रोशन पुत्र मोहन (4 वर्ष)

7. रानी पुत्री मोहन (3 वर्ष)

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