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भरदुआ कांड पर घमासान: भाकपा माले ने उठाए सवाल, फर्जी हाई कोर्ट दस्तावेज बनाने वाले वकील पर कार्रवाई की मांग

भरदुआ गांव में पुलिस की लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों के बाद सियासत गर्मा गई है। भाकपा (माले) ने जमीनों का सीमांकन न होने को विवाद की मुख्य वजह बताते हुए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले वकील पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 
 

भरदुआ गांव में पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी सियासत

भाकपा माले ने उठाई 7 सूत्रीय मांगें

फर्जी दस्तावेज बनाने वाले वकील पर कार्रवाई की मांग

वन विभाग और राजस्व भूमि सीमांकन का मुद्दा

मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले के भरदुआ गांव में पुलिस की लाठीचार्ज और ग्रामीणों की गिरफ्तारी के बाद अब राजनीति तेजी से गरमाने लगी है। सोनभद्र सांसद छोटेलाल खरवार के जिलाधिकारी से मुलाकात करने के बाद अब शुक्रवार को भाकपा (माले) का प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित गांव पहुंच गया। माले नेताओं ने जिला प्रशासन को सीधे कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि नौगढ़ क्षेत्र में जमीनों की सीमा तय न होने के कारण ही भरदुआ जैसी हिंसक घटनाएं हो रही हैं।

जमीन के सीमांकन के अभाव में पिस रहे गरीब
जिला सचिव अनिल पासवान के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल (जिसमें ब्लॉक सचिव पतालु गोंड और खेत मजदूर सभा के रामेश्वर प्रसाद शामिल थे) ने कहा कि वन विभाग जमीन को अपनी बताता है, जबकि राजस्व विभाग उसे अपनी बताता है। किसी भी विभाग ने आज तक सीमा तय नहीं की। नेताओं का कहना है कि मौजा भरदुआ का आराजी 211 ख मि सरकारी जमीन है, जिसका पट्टा तो कई लोगों को मिला लेकिन कब्जा किसी को नहीं दिया गया। इसी उलझन की वजह से आज यह पूरा इलाका विवाद के घेरे में आ गया है।

फर्जी हाई कोर्ट दस्तावेज बनाने वाले वकील पर बने केस
माले नेताओं ने एक बड़ा और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे नौगढ़ क्षेत्र में कुछ लोग हाई कोर्ट के नाम से बने दस्तावेज दिखाकर घूम रहे हैं। इसकी तुरंत निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नेताओं ने मांग की कि अगर ये दस्तावेज फर्जी हैं, तो गरीबों को बहकाकर और धोखे में रखकर फर्जी कागज तैयार करने वाले वकील के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि इसी धोखाधड़ी के कारण गांव में रोज लड़ाई का माहौल बन रहा है।

7 सूत्रीय मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के सामने 7 प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें सभी विभागों की जमीन का सीमांकन करने, 211 ख मि के सभी पट्टाधारकों को कब्जा दिलाने, बची जमीन भूमिहीनों में बांटने, भेड़ा फार्म के विस्थापितों को स्थायी करने, निर्दोषों की गिरफ्तारी रोकने और सीताराम गोंड, बुधीराम गोंड व छोटई यादव का जब्त सामान वापस दिलाने की मांग शामिल है। भाकपा (माले) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ये मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो भरदुआ गांव से ही एक बड़े जन-आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

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