'वनवासियों को उजाड़ोगे तो चुप नहीं बैठेगी सपा', भरदुआ कांड पर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव का सीधा वार
चंदौली के नौगढ़ अंतर्गत भरदुआ गांव में वन विभाग की कार्रवाई पर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से रह रहे वनवासियों को उजाड़ना अन्याय है। सपा इसके खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
भरदुआ कांड पर बोले पूर्व सांसद रामकिशुन
वनवासियों को उजाड़ने पर भड़की सपा
मुलायम सिंह ने भरोसा जीता था डर नहीं
जल-जंगल-जमीन से पीढ़ियों का नाता
उत्पीड़न न रुका तो सड़क-सदन में आंदोलन
चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील अंतर्गत भरदुआ गांव में वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामकिशुन यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सीधे मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से जंगल और जमीन के सहारे अपना जीवन गुजार रहे गरीब वनवासी परिवारों के साथ इस तरह की ज्यादती किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन को अपना यह अडियल रुख तुरंत बदलना चाहिए।
प्रभावशाली लोगों के इशारे पर हो रही कार्रवाई का आरोप
रामकिशुन यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में आकर वनवासी परिवारों को उनकी पुश्तैनी जमीन और घरों से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नौगढ़ में जल, जंगल और जमीन का मुद्दा केवल किसी जमीन के टुकड़े का विवाद नहीं है। यह यहां की वनवासी आबादी के सदियों पुराने अस्तित्व, संस्कृति और पीढ़ियों की जिंदगी से जुड़ा संवेदनशील सवाल है।
नौगढ़ का इतिहास याद दिलाकर प्रशासन को चेताया
पूर्व सांसद ने भरदुआ की घटना को नौगढ़ के पुराने दौर से जोड़ते हुए अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि जब-जब लोगों के बुनियादी अधिकारों और उनके सम्मान की अनदेखी हुई है, तब-तब उसके गंभीर परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि नौगढ़ का इतिहास गवाह है कि जब जनता के साथ अन्याय बढ़ता है, तो क्षेत्र में असंतोष और अशांति जन्म लेती है। इसलिए किसी भी कार्रवाई को अमलीजामा पहनाते समय कानून के साथ-साथ मानवीय पहलू का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।
मुलायम सिंह ने भरोसा जीता था, डर का माहौल नहीं बनाया
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के नौगढ़ दौरों को याद करते हुए रामकिशुन यादव ने कहा कि उस समय की सरकार ने वनवासी समाज के दिलों में भरोसा पैदा किया था। उस दौर में विकास कार्यों और संवाद को प्राथमिकता दी गई थी। उन्होंने कहा कि आज भी अगर नौगढ़ की समस्याओं का हल निकालना है, तो उसका रास्ता लाठी या बेदखली से नहीं, बल्कि आपसी बातचीत, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करने से ही निकल सकता है।
सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने की चेतावनी
पूर्व सांसद ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर गरीब और बेबस वनवासी परिवारों पर हो रहा उत्पीड़न तुरंत बंद नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी खामोश नहीं बैठेगी। पार्टी वनवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस अन्याय के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा और सदन तक इस आवाज को बुलंदी से उठाया जाएगा।
सोनभद्र सांसद के बाद अब सपा नेता के मैदान में उतरने से गरमाई राजनीति
भरदुआ गांव में हुई यह बेदखली अब केवल एक सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रह गई है। सोनभद्र के सांसद छोटेलाल खरवार द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अब पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के इस कड़े रुख ने राजनीतिक पारे को बढ़ा दिया है। इस बयान के बाद जिले में वनवासियों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर बहस और भी तेज हो गई है।
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