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नौगढ़ में दो साल के मासूम की गला दबाकर हत्या, दामाद के विरुद्ध लिखाया मुकदमा

पुलिस ने परिजनों की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मासूम की मौत सामान्य नहीं, बल्कि गला दबाकर हत्या की वजह से हुई है।
 

पोस्टमार्टम में खुला राज

मासूम की हत्या की पुष्टि

आरोपी पुलिस को दे रहे हैं चुनौती

कई मामलों में अक्सर टालमटोल कर देती है चकरघट्टा थाने की पुलिस

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में अवैध संबंधों के विवाद में दो साल के मासूम शिवांश की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के चार दिन बाद भी आरोपी खुले आम फरार घूम रहे हैं और पुलिस सिर्फ दबिश का ढोल पीट रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि कर दी है, ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस तत्परता दिखाती तो आज आरोपी सलाखों के पीछे होते।

नाना ने पिता और उसकी बड़ी मां पर लगाया हत्या का आरोप 
बताया जा रहा है कि मृतक शिवांश के नाना ने चकरघट्टा थाने में तहरीर देकर अपने ही दामाद कमलेश यादव और उसकी भाभी संतरा देवी पर हत्या का आरोप लगाया। तहरीर में कहा गया कि दोनों के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे, जिसे लेकर घर में विवाद बढ़ा। इसी विवाद की आड़ में दोनों ने मासूम को रास्ते से हटाने की साजिश रची और 26 अगस्त की रात गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। परिजनों का आरोप है कि मासूम सिर्फ विवाद का शिकार बना, लेकिन पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। गांव के लोग भी कह रहे हैं कि पुलिस का रवैया शुरू से ही ढीला रहा और इसी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से फरार हो गए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज 
पुलिस ने परिजनों की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मासूम की मौत सामान्य नहीं, बल्कि गला दबाकर हत्या की वजह से हुई है। थाना प्रभारी दयाराम गौतम ने खुद माना कि रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बावजूद इसके पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। ग्रामीणों का कहना है कि रिपोर्ट में सब कुछ साफ हो जाने के बाद भी आरोपियों को न पकड़ पाना पुलिस की लापरवाही को उजागर करता है।

पुलिस की नाकामी पर सवाल 
इस घटना को चार दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस बार-बार दबिश की बात कह रही है, लेकिन हकीकत यह है कि आरोपी बेखौफ खुलेआम इधर-उधर घूम रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस ने शुरुआती घंटों में सख्ती दिखाई होती तो आज आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया जाता। वहीं ग्रामीणों ने भी पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि चकरघटृटा थाना क्षेत्र में  अपराधियों का मनोबल इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि पुलिस हर बार सिर्फ आश्वासन देती है, कार्रवाई नहीं करती। अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस अपराधियों को बचा क्यों रही है?

इलाके में आए दिन हो रही वारदातों से लोगों का गुस्सा भड़क गया है। एक मासूम की हत्या ने पूरे गांव को झकझोर दिया है, क्षेत्र में चोरी, लूट, पशु और गांजा तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, चोरों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस हर मामले में नाकाम साबित हो रही है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर अपराध रोकने में पुलिस कब तक  सिर्फ “दबिश” का नाम लेकर जनता को गुमराह करती रहेगी।

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