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चकरघट्टा में गुंडाराज: ई-रिक्शा चालक को बदमाशों ने सरेआम पीटा, चकरघट्टा पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

चंदौली के चकरघट्टा थाना क्षेत्र में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। चिकनी मोड़ पर आधा दर्जन युवकों ने एक गरीब ई-रिक्शा चालक को बेरहमी से पीटने के बाद उसके वाहन में तोड़फोड़ की। पुलिस फिलहाल जांच का दावा कर रही है।
 

ई-रिक्शा चालक की बेरहम पिटाई

बदमाशों ने वाहन को किया क्षतिग्रस्त

चिकनी मोड़ पर सरेआम गुंडई

पुलिस गश्त और सुरक्षा पर सवाल

अपराधियों को किसका राजनीतिक संरक्षण?

चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। सरेशाम हुई गुंडई की एक ताज़ा घटना ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के मन से पुलिस और कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। बदमाशों ने न केवल एक मेहनतकश चालक को पीटा, बल्कि उसके जीविकोपार्जन के एकमात्र साधन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

सवारी ले जाने से मना करने पर भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, देवखत निवासी संजय कुमार ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे जब वह सवारी लेकर जा रहा था, तभी चिकनी मोड़ के पास पांच-छह युवकों ने उसे रोक लिया। युवक जबरन बैरगाढ़ गांव चलने का दबाव बनाने लगे। संजय ने बताया कि उसके ई-रिक्शा की बैटरी लो (डिस्चार्ज) है, इसलिए वह उन्हें ले जाने में असमर्थ है। इतनी सी बात पर बदमाशों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

वाहन में तोड़फोड़ और बदमाशों की फरार होने की कला
आरोपियों का मन पिटाई से भी नहीं भरा, उन्होंने संजय के ई-रिक्शा को लाठी-डंडों से मारकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। सरेआम हुई इस हिंसा के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी बेखौफ होकर मौके से फरार हो गए। घायल संजय किसी तरह थाने पहुंचा और आपबीती सुनाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकनी मोड़ जैसे व्यस्त स्थान पर इस तरह की गुंडई होना पुलिस की गश्त पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

पुलिस की सुस्त चाल: तहरीर मिली, पर गिरफ्तारी कब?
घटना के बाद पीड़ित संजय कुमार ने चकरघट्टा थाने में नामजद तहरीर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है और पुलिस की एक टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्षेत्र के गरीब और मेहनतकश लोग अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

किसके संरक्षण में पल रहे हैं ये अपराधी?
क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर सरेशाम इतनी बड़ी वारदात करने की हिम्मत इन बदमाशों में आई कहाँ से? क्या इन्हें किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है? चकरघट्टा थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं से आम जनता में आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इन अपराधियों को जेल भेजती है या फिर यह मामला भी महज एक 'कागजी जांच' बनकर फाइलों में दब जाएगा।

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