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नौगढ़ में धू-धू कर जली परचून की दुकान; सामान बचाने के लिए आग से भिड़ गया पूरा गांव, दुकानदार समेत 5 झुलसे

चंदौली के नौगढ़ में शुक्रवार सुबह एक किराने की दुकान आग का गोला बन गई। दुकानदार और सामान को बचाने के लिए पूरा गांव लपटों से भिड़ गया। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

चकरघट्टा के औरवाटांड़ गांव में सुबह-सुबह हुआ भयानक हादसा

मोतीलाल की किराने की दुकान में अचानक भड़कीं ऊंची लपटें

आग बुझाने और सामान बचाने की जंग में 5 ग्रामीण झुलसे

ग्रामीणों की सूझबूझ से आसपास के मकानों में फैलने से रुकी आग

घायलों को नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती

चंदौली जिले के नक्सल प्रभावित तहसील नौगढ़ में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। यहाँ एक किराने की दुकान से अचानक आग की इतनी ऊंची और डरावनी लपटें उठीं कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लेकिन, मुसीबत की इस घड़ी में गांव के लोग मूकदर्शक या तमाशबीन बनकर खड़े नहीं रहे।

चकरघट्टा थाना क्षेत्र की चिकनी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले औरवाटांड़ गांव में शुक्रवार सुबह दुकानदार मोतीलाल रोजाना की तरह अपनी परचून की दुकान खोलकर बैठा था। अभी सुबह के कुछ ही घंटे बीते थे कि अचानक दुकान के भीतर से काला धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते धुएं ने विकराल लपटों का रूप ले लिया और पूरी दुकान को अपने आगोश में ले लिया।

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सामान बचाने की कोशिश में झुलस गए पांच लोग
दुकानदार मोतीलाल की चीख-पुकार और मदद की गुहार सुनकर गांव के लोग अपने घरों से दौड़ पड़े। इंसानियत और हिम्मत दिखाते हुए कोई बाल्टी में पानी लेकर भागा, कोई आग पर मिट्टी फेंकने लगा, तो कोई दुकान के अंदर रखा कीमती सामान बाहर निकालने की कोशिश में जुट गया।

लपटें इतनी तेज थीं कि इस बहादुरी की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। आग बुझाने और सामान को सुरक्षित बाहर निकालने की इस जद्दोजहद में दुकानदार मोतीलाल, लालजी, रामचेला, सुजीत और अमरेश आग की सीधे चपेट में आ गए। ये पांचों लोग लपटों की तपिश से गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।

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बच गई जिंदगी, पर खाक हो गया लाखों का सामान
ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया और उसे आसपास की अन्य दुकानों व रिहायशी मकानों तक फैलने से रोक लिया। ग्रामीणों की इस फौरी सतर्कता के कारण एक बहुत बड़ी अनहोनी होने से टल गई।

हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दुकान के भीतर रखा अधिकांश राशन और लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गांव वाले समय रहते मौके पर मोर्चा नहीं संभालते, तो पूरी बस्ती इस भीषण आग की चपेट में आ सकती थी।

अस्पताल में चल रहा इलाज, जांच में जुटा प्रशासन
घटना के तुरंत बाद ग्राम प्रधान संतराम यादव और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। ग्राम प्रधान ने बिना वक्त गंवाए मोबाइल से एम्बुलेंस को कॉल किया और घायलों को तुरंत नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भिजवाया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में सभी का इलाज जारी है।

इधर, प्रशासनिक स्तर पर क्षेत्रीय लेखपाल अतुल कुमार ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए माली नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है। आग लगने के असल कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है और पूरी घटना फिलहाल एक रहस्य बनी हुई है। पुलिस और राजस्व विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह साफ हो पाएगी।

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