नौगढ़ में डिजिटल क्रांति: एसडीएम विकास मित्तल ने शुरू करायी ऑनलाइन खतौनी सेवा, अब मोबाइल पर घर बैठे मिलेगी प्रमाणित कॉपी
चंदौली के नौगढ़ तहसील में अब खतौनी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एसडीएम विकास मित्तल ने राजस्व सेवाओं को डिजिटल करते हुए ऑनलाइन खतौनी डाउनलोड करने की सुविधा शुरू की है। पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए यह कदम वरदान साबित होगा।
नौगढ़ तहसील में खतौनी की ऑनलाइन सेवा शुरू
घर बैठे मोबाइल से मिलेगी प्रमाणित डिजिटल कॉपी
तहसील और जनसेवा केंद्रों की भागदौड़ खत्म
निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर मिलेगी नकल
दूरस्थ पहाड़ी गांवों के ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
चंदौली जिले के अंतर्गत आने वाली नौगढ़ तहसील में राजस्व सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विकास मित्तल की विशेष पहल पर अब भूमिधरों को अपनी भूमि की प्रमाणित खतौनी प्राप्त करने के लिए तहसील कार्यालयों या जन सेवा केंद्रों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। डिजिटल इंडिया के विजन को धरातल पर उतारते हुए अब लोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए निर्धारित शुल्क का भुगतान कर प्रमाणित खतौनी घर बैठे ही डाउनलोड कर सकेंगे।

आम जनता के समय और धन की होगी बचत
एसडीएम विकास मित्तल ने 'चंदौली समाचार' से बातचीत के दौरान बताया कि पहले ग्रामीणों को खतौनी की एक प्रति के लिए लंबी दूरी तय कर तहसील आना पड़ता था। कई बार कतारों में खड़े होने के कारण उनका पूरा दिन बर्बाद हो जाता था। विशेष रूप से नौगढ़ जैसे पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह प्रक्रिया काफी खर्चीली और थकाऊ थी। उन्हें किराए के साथ-साथ अपनी दिहाड़ी और कामकाज का भी नुकसान उठाना पड़ता था। अब नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि आम जनता का कीमती समय और पैसा भी बचेगा।
पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान
नौगढ़ तहसील का भौगोलिक ढांचा काफी दुर्गम है, जहाँ कई गांव तहसील मुख्यालय से काफी दूर स्थित हैं। नई व्यवस्था के तहत अब यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। ग्रामीण किसी भी समय ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। यह कदम ई-गवर्नेंस की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। अब महज एक दस्तावेज के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों की परिक्रमा करने की मजबूरी खत्म हो जाएगी, जिससे प्रशासन और जनता के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी।
तहसील में भीड़ कम होगी और बढ़ेगी कार्यक्षमता
ऑनलाइन सेवा शुरू होने का एक बड़ा लाभ प्रशासनिक कामकाज पर भी दिखेगा। तहसील परिसर में खतौनी के लिए लगने वाली अनावश्यक भीड़ और दबाव कम होगा, जिससे राजस्व विभाग के कर्मचारी अन्य महत्वपूर्ण कानूनी और प्रशासनिक कार्यों को समय पर निपटा सकेंगे। डिजिटल होने से आंकड़ों में हेरफेर की संभावना खत्म होगी और पूरी प्रक्रिया सुरक्षित रहेगी। एसडीएम विकास मित्तल ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में अन्य राजस्व सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा ताकि सरकारी सुविधाएं सीधे जनता के हाथ (मोबाइल) में पहुंच सकें।
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