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नौगढ़ तहसील में 'वसूली वॉर': लेखपाल बनाम अधिवक्ता टकराव में कूदे SDM विकास मित्तल, दोनों पक्षों को दी कड़ी चेतावनी

नौगढ़ तहसील में लेखपालों और अधिवक्ताओं के बीच छिड़ी जंग अब 'वसूली' के आरोपों तक जा पहुँची है। एसडीएम विकास मित्तल ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए दोनों पक्षों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि बिना पुख्ता सबूत के अराजकता फैलाना भारी पड़ेगा।

 

नौगढ़ तहसील में 'वसूली बनाम वकालत' की सीधी भिड़ंत

एसडीएम विकास मित्तल की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति

लेखपालों के साथ अधिवक्ताओं की भी होगी आंतरिक जांच

बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामचंद्र यादव का तीखा पलटवार

तहसील परिसर में गुटबाजी और अराजकता पर प्रशासन सख्त

चंदौली जनपद की नौगढ़ तहसील में पिछले कुछ दिनों से जारी लेखपाल बनाम अधिवक्ता टकराव अब एक नए और गंभीर मोड़ पर आ गया है। यह विवाद अब केवल मारपीट या कहासुनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें 'वसूली' और 'शोषण' के आरोपों ने आग में घी डालने का काम किया है। शनिवार को हुई हिंसक झड़प के बाद अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पीड़ितों से धन उगाही के आरोप लगा रहे हैं। इस माहौल को देखते हुए एसडीएम विकास मित्तल ने मोर्चा संभाल लिया है।

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एसडीएम की दो टूक: "सबूत दो, एक्शन लो"
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम विकास मित्तल ने बेहद सख्त लहजे में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तहसील परिसर में किसी भी प्रकार की अराजकता स्वीकार्य नहीं है। एसडीएम ने कहा, “यदि किसी के पास किसी लेखपाल या कर्मचारी द्वारा वसूली किए जाने के पुख्ता साक्ष्य हैं, तो वे मुझे दें; मैं तत्काल और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करूँगा। लेकिन केवल आरोपों के आधार पर काम रोकना या तहसील का माहौल खराब करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

लेखपालों के साथ वकीलों की भी होगी जांच
एसडीएम ने प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर लेखपालों पर नजर है, वहीं दूसरी ओर कुछ अधिवक्ताओं के खिलाफ भी मनमानी फीस और पीड़ितों से नाजायज रुपया वसूलने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। प्रशासन अब इन शिकायतों की भी गहराई से जांच करा रहा है। एसडीएम के इस बयान ने तहसील के गलियारों में खलबली मचा दी है, क्योंकि अब जांच की आंच दोनों पक्षों तक पहुँचने वाली है।

बार एसोसिएशन का पलटवार: "छवि खराब करने की कोशिश"
वहीं, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र यादव ने प्रशासन के इन दावों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता हमेशा पीड़ितों की लड़ाई लड़ते हैं और उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने मांग की कि जो कर्मचारी पैसे लेकर काम कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि आवाज़ उठाने वालों को दबाया जाना चाहिए।

 क्या थमेगा यह विवाद?
नौगढ़ तहसील में 'वसूली बनाम वकालत' की यह सीधी भिड़ंत अब प्रशासन और बार के बीच एक खुली खींचतान में बदल चुकी है। माहौल पूरी तरह गरम है और आम जनता के काम इन विवादों की भेंट चढ़ रहे हैं। अब सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि प्रशासन की जांच कितनी निष्पक्ष होती है और भ्रष्टाचार की इस 'गाज' का शिकार आखिर कौन बनेगा? फिलहाल तहसील में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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