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नौगढ़ के स्कूल में बंद मिला शौचालय, शौच को खेत में गए छात्र को लगा करंट; 'ऑपरेशन कायाकल्प' की खुली पोल

नौगढ़ के बाघी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शौचालय बंद होने के कारण खेत में शौच के लिए गए कक्षा 6 के छात्र को करंट लग गया। हादसे के बाद 'ऑपरेशन कायाकल्प' और बेसिक शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
 

बाघी स्कूल में छात्र को लगा करंट

शौचालय बंद होने से खेत गया मासूम

प्रधानाध्यापक और छात्र के अलग दावे

'ऑपरेशन कायाकल्प' के दावों की पोल

पूरे ब्लॉक के स्कूलों की जांच मांग

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए चलाए जा रहे करोड़ों रुपये के 'ऑपरेशन कायाकल्प', 'स्वच्छ विद्यालय अभियान' और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे बड़े दावों के बीच चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। तहसील के बाघी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दोपहर के अवकाश (इंटरवल) के दौरान शौच के लिए स्कूल परिसर से बाहर गए 12 वर्षीय छात्र अमरेश करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे बेसिक शिक्षा विभाग और एबीएसए की निगरानी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यह घटना साफ संकेत दे रही है कि नौगढ़ ब्लॉक में बच्चों की बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागजी रिपोर्टों तक सीमित हैं।

शौचालय बंद होने का आरोप: खेत में करंट प्रवाहित तार की चपेट में आया कक्षा 6 का अमरेश
घटनाक्रम के अनुसार, बाघी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 का छात्र अमरेश दोपहर में शौच के लिए निकला था। पीड़ित छात्र और उसके साथी सहपाठियों का आरोप है कि विद्यालय का शौचालय पूरी तरह से बंद था और उसमें ताला लटका हुआ था। मजबूरीवश उसे पास के एक खेत की तरफ जाना पड़ा, जहां किसान द्वारा जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से करंट प्रवाहित तार लगाया गया था। अमरेश जैसे ही उस तार के संपर्क में आया, वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। बच्चों के शोर मचाने पर निषाद पार्टी के युवा जिलाध्यक्ष हंसराज निषाद व ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए झुलसे छात्र को सीएचसी नौगढ़ पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी।

एक घटना और दो अलग दावे: प्रधानाध्यापक और छात्र की बात में विरोधाभास
इस गंभीर हादसे के बाद विद्यालय प्रशासन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है, जिससे मामला और ज्यादा गहरा गया है। एक तरफ जहां पीड़ित छात्र अमरेश और प्रत्यक्षदर्शी सहपाठी चीख-चीखकर कह रहे हैं कि शौचालय बंद था, वहीं दूसरी ओर विद्यालय के प्रधानाध्यापक रमाकांत यादव अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। प्रधानाध्यापक का दावा है कि शौचालय पूरी तरह खुला था और छात्र अमरूद तोड़ने के नीयत से स्कूल की बाउंड्री से बाहर गया था। इस परस्पर विरोधी दावों के बीच खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) लालमणि राम का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कागजों में 'कायाकल्प' और जमीनी स्तर पर जानलेवा संकट; ग्रामीणों में भारी आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल एक विद्यालय की नहीं है। नौगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बकुलघट्टा, होरिला और कंपोजिट विद्यालय मझगांवा सहित दर्जनों सरकारी स्कूलों में आज भी शौचालय, शुद्ध पेयजल और सुरक्षा बाउंड्री का भारी अभाव है, जिसके कारण बच्चों को खुले में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बरसात के मौसम में खेतों में जहरीले सांप-बिच्छू और ऐसे अवैध करंट का खतरा हमेशा बना रहता है। इस हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों और वनांचल वासियों ने मांग उठाई है कि केवल खानापूर्ति करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और पूरे नौगढ़ ब्लॉक के विद्यालयों में कायाकल्प के तहत मूलभूत सुविधाओं की व्यापक जांच कराई जाए।

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