राजदरी जलप्रपात पर डूबने लगे प्रयागराज के दो युवक, वन विभाग और पर्यटकों ने बचाई जान
चंदौली के राजदरी जलप्रपात में प्रयागराज से आए दो युवक चंद्रप्रभा नदी में डूबने लगे। वन विभाग की टीम और पर्यटकों ने दोनों को बचाया। हादसे के बाद रेंजर ने डीएफओ से अतिरिक्त पीएसी बल की मांग की है।
चंद्रप्रभा नदी में नहाते वक्त डूबने लगे दो युवक
वनकर्मियों और पर्यटकों ने मशक्कत के बाद बचाई जान
पुलिस टीम ने परिजनों को सुरक्षित सौंपे दोनों युवक
रेंजर अखिलेश दुबे ने डीएफओ से मांगी PAC बल
पर्यटकों की सुविधा के लिए परिसर में कैंटीन शुरू
चंदौली जिले का मशहूर और प्राकृतिक खूबसूरती से भरा राजदरी जलप्रपात रविवार को एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बनते-बनते रह गया। प्रयागराज से यहां घूमने आए दो युवक चंद्रप्रभा नदी के तेज बहाव और गहरे पानी में डूबने लगे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम और अन्य पर्यटकों ने तुरंत समझदारी दिखाई और दोनों की जान बचा ली। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजदरी जलप्रपात पर पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

डूबने की चीख-पुकार मचते ही पहुंचे वनकर्मी
प्रयागराज से आए दोनों युवक जलप्रपात का शानदार नजारा देखने के बाद चंद्रप्रभा नदी में नहाने उतर गए थे। नहाते-नहाते वे अनजाने में गहरे पानी की तरफ चले गए, जहां पत्थरों पर काई और फिसलन होने के कारण उनका पैर फिसल गया और वे पानी में समाने लगे। युवकों को डूबता देख वहां चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनते ही वन विभाग के कर्मचारी और पास में मौजूद पर्यटक दौड़े और काफी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे और युवकों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
हादसे के बाद जागे रेंजर ने डीएफओ को लिखा पत्र
इस भयावह हादसे के तुरंत बाद वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अखिलेश दुबे ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने डीएफओ बी. शिव शंकर को एक पत्र भेजकर राजदरी जलप्रपात की सुरक्षा के लिए कम से कम एक प्लाटून पीएसी (PAC) की तैनाती की मांग की है। रेंजर ने अपने पत्र में साफ लिखा कि हर दिन यहां हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन मौजूदा सुरक्षा बल बहुत सीमित है। भीड़ को संभालने, किसी आपात स्थिति में बचाव कार्य करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बल की जरूरत है।
सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों की सहूलियत पर भी ध्यान
रेंजर अखिलेश दुबे ने केवल सुरक्षा का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि यहां आने वाले सैलानियों के खाने-पीने और सुविधाओं का भी ध्यान रखा है। उन्होंने बताया कि ईडीसी (इको डेवलपमेंट कमेटी) के जरिए परिसर में कैंटीन का संचालन शुरू कराया गया है। इस कैंटीन में पर्यटकों को वाजिब दामों पर चाय, नाश्ता और अन्य खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे जहां एक तरफ सैलानियों को सहूलियत मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों को रोजगार का जरिया भी मिल रहा है।
हर साल होते हैं हादसे, फिर भी नहीं जागते अफसर
राजदरी जलप्रपात पूर्वांचल का एक बेहद चर्चित पिकनिक स्पॉट है, लेकिन हर साल बारिश के मौसम में यहां डूबने और फिसलने की घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद अब तक यहां कोई पक्की रेस्क्यू टीम या स्थायी सुरक्षा बल तैनात नहीं किया गया है। सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही कोई कड़ा कदम उठाएगा, या फिर रेंजर की इस चिट्ठी पर गंभीरता से विचार करते हुए राजदरी को पूरी तरह सुरक्षित पर्यटन स्थल बनाने के लिए ठोस फैसले लिए जाएंगे।
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