नौगढ़ में DFO का सघन दौरा: पौधरोपण और नर्सरी प्रबंधन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
DFO बी. शिवशंकर का नौगढ़ दौरा
वानादाग और कहुवा घाट नर्सरी का सघन निरीक्षण
पौध संरक्षण में शिथिलता पर कार्रवाई की चेतावनी
पौधरोपण की ग्रोथ रिपोर्ट रोज अपडेट करें
चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में सोमवार को प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बी. शिवशंकर ने नौगढ़ रेंज का सघन निरीक्षण किया। उनका मुख्य उद्देश्य पौधरोपण और नर्सरी प्रबंधन की जमीनी हकीकत को जानना था। डीएफओ ने वानादाग, खूंटी-रामडीह और कहुवा घाट नर्सरी में जाकर पौधरोपण की स्थिति, रख-रखाव, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कमियां पाए जाने पर उन्होंने स्टाफ को सख्त चेतावनी दी और स्पष्ट किया कि पौध संरक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वानादाग और खूंटी-रामडीह प्लांटेशन की समीक्षा
चंद्रकांता गेस्ट हाउस में विभागीय स्टाफ से मिलने के बाद, डीएफओ बी. शिवशंकर वानादाग पहुंचे। यहाँ उन्होंने सामाजिक वानिकी योजना के तहत 15 हेक्टेयर में किए गए पौधरोपण का जमीनी मूल्यांकन किया। उन्होंने विशेष रूप से पौधों की वृद्धि, जड़ों तक धूप की उपलब्धता, घेराबंदी, निराई-सफाई और सिंचाई प्रणाली की जांच की। स्टाफ से बातचीत में उन्होंने निर्देश दिया कि झाड़-झंखाड़ किसी भी कीमत पर पौधों पर हावी नहीं होने चाहिए, निराई-सफाई रोज की जाए और पौधों की ग्रोथ रिपोर्ट को नियमित रूप से अपडेट किया जाए।
इसके बाद, डीएफओ ने रेंजर संजय कुमार श्रीवास्तव के साथ खूंटी-रामडीह प्लांटेशन स्थल पर 15 हेक्टेयर क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर पौधरोपण का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा में लगे कर्मचारियों को चेतावनी भरे लहजे में निर्देश दिया कि निराई-सफाई में जरा भी ढिलाई न हो। साथ ही, जीवित पौधों की सूची रोज अपडेट हो और फील्ड स्टाफ अपने दायित्व को गंभीरता से निभाएं।

कहुवा घाट नर्सरी में नए सत्र की तैयारी पर जोर
डीएफओ ने कहुवा घाट नर्सरी पहुंचकर पुराने पौधों की सफाई, पॉलिबैग की स्थिति, मिट्टी-मिश्रण प्रक्रिया, रूट प्रूनिंग और उगान की गुणवत्ता का गहराई से मूल्यांकन किया। उन्होंने रेंजर को निर्देश दिया कि आगामी वृक्षारोपण सत्र के लिए स्वस्थ और एकरूप आकार के पौधे तैयार किए जाएं। उन्होंने प्रजातिवार उत्पादन लक्ष्य तय करने, नर्सरी परिसर की सुरक्षा मजबूत करने और सिंचाई व्यवस्था को सुचारु एवं नियमित रखने पर जोर दिया।
डीएफओ की अंतिम और स्पष्ट चेतावनी
निरीक्षण के अंत में डीएफओ ने अपनी स्पष्ट चेतावनी दोहराई। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक कार्य नहीं, बल्कि वन विभाग की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने साफ कहा कि "जहां भी शिथिलता या लापरवाही मिलेगी, सम्बंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी—कोई छूट नहीं।" निरीक्षण के दौरान प्रभागीय कार्यालय के अकाउंटेंट अखिलेश पांडे, वन दरोगा गुरदेव सिंह यादव समेत अन्य स्टाफ भी मौजूद रहे।
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