थानों के निरीक्षण से ज्यादा चर्चा बेटियों के समर कैंप की, 15 जून को डीआईजी देखेंगे नौगढ़ का ‘नारी शक्ति मॉडल’
वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण 15 जून को नौगढ़ थानों के निरीक्षण के साथ ग्राम्या संस्थान के समर कैंप में पहुंचेंगे। वहां वे स्कूटी और कंप्यूटर सीख रहीं वनवासी बेटियों से संवाद करेंगे और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करेंगे।
डीआईजी देखेंगे नारी शक्ति मॉडल
वनवासी बेटियों का समर कैंप
स्कूटी चलाना सीख रहीं किशोरियां
मेधावी छात्राओं को मिलेगा सम्मान
नौगढ़ में बढ़ा बेटियों का आत्मविश्वास
चंदौली जिले के नौगढ़ और चकरघट्टा थानों के निरीक्षण के लिए 15 जून, सोमवार को वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण आ रहे हैं। लेकिन इस समय पूरे इलाके में पुलिसिया समीक्षा से ज्यादा चर्चा लालतापुर स्थित ग्राम्या संस्थान के समर कैंप की हो रही है। थानों के सरकारी काम को देखने के बाद डीआईजी सीधे इस संस्थान में पहुंचेंगे। यहां वे वनवासी क्षेत्र की उन किशोरियों से बातचीत करेंगे, जो अपने हुनर से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।

जंगल और पहाड़ों के बीच बेटियों की नई उड़ान
नौगढ़ के वनांचल और पथरीले रास्तों के बीच ग्राम्या संस्थान का यह समर कैंप इन दिनों हर किसी की जुबान पर है। इस कैंप में वनवासी बेटियों को ब्यूटीशियन, हैंडीक्राफ्ट, कंप्यूटर और स्कूटी चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। खास बात यह है कि इस ट्रेनिंग की शुरुआत महज एक स्कूटी से हुई थी, लेकिन लड़कियों का गजब का उत्साह देखकर अब दो अतिरिक्त स्कूटी और दो मोटरसाइकिल भी इसमें शामिल कर ली गई हैं। स्कूटी की सीट पर बैठी ये बेटियां अब वनांचल की बदलती तस्वीर बयां कर रही हैं।
डीआईजी के स्वागत के लिए बेटियों में भारी उत्साह
पुलिस क्षेत्राधिकारी नामेन्द्र कुमार रावत से डीआईजी के आगमन की जानकारी मिलने के बाद से ही संस्थान में तैयारियां बेहद तेज हो गई हैं। कोऑर्डिनेटर नीतू सिंह के नेतृत्व में लड़कियां खुद इस खास स्वागत की तैयारियों में जुटी हुई हैं। संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने 'चंदौली समाचार' को बताया कि डीआईजी के आने को लेकर छात्राओं में एक अलग ही जोश है। बेटियों के लिए यह मौका सिर्फ एक बड़े अफसर से मिलने का नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और कामयाबी को दुनिया के सामने दिखाने का है।
मेधावी छात्राओं की मेहनत को मिलेगा सम्मान
इस दौरे के दौरान डीआईजी वैभव कृष्ण कोचिंग के माध्यम से पढ़ाई कर परीक्षाओं में 76 से 85 प्रतिशत तक अंक लाने वाली होनहार छात्राओं को सम्मानित भी करेंगे। इस सम्मान से न सिर्फ इन लड़कियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वनवासी क्षेत्र की दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की बड़ी प्रेरणा मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि किसी बड़े पुलिस अधिकारी का इन बेटियों के बीच पहुंचना समाज में शिक्षा, सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण का एक बहुत ही शानदार संदेश देगा।
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