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तबादला आदेश के 9 दिन बाद भी नहीं पहुंचे वन रक्षक, DFO ने दी दूसरी वार्निंग

काशी वन्य जीव प्रभाग में तबादला आदेश के बावजूद कई वन रक्षक नए कार्यस्थलों पर नहीं पहुंचे। डीएफओ बी. शिव शंकर ने दूसरी चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि ज्वाइनिंग के बाद ही जून माह का वेतन मिलेगा।

 

वन रक्षकों को दूसरी चेतावनी

तबादला आदेश पर नहीं हुआ अमल

ज्वाइनिंग के बाद मिलेगा वेतन

रेंज अधिकारियों को भी निर्देश

वन विभाग में बढ़ी सख्ती

काशी वन्य जीव प्रभाग में वन रक्षकों के तबादला आदेश के पालन को लेकर विभागीय स्तर पर गंभीर स्थिति सामने आई है। 30 मई को जारी स्थानांतरण और तैनाती आदेश के बावजूद कई वन रक्षक अपने पुराने कार्यस्थलों से कार्यमुक्त नहीं हुए। इस स्थिति को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बी. शिव शंकर को नौ दिन बाद दूसरा आदेश जारी करना पड़ा। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

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कई रेंजों में किया गया था फेरबदल
वन विभाग की ओर से 30 मई को राजकीय कार्यों के सुचारु संचालन के उद्देश्य से वन रक्षकों की तैनाती में व्यापक बदलाव किया गया था। आदेश के तहत जयमोहनी, मझगाई, नौगढ़, चंद्रप्रभा, चकिया और मुगलसराय सहित कई रेंजों में वन रक्षकों का स्थानांतरण किया गया। कुछ कर्मचारियों को पहाड़ी क्षेत्रों में नई जिम्मेदारी दी गई, जबकि कुछ को मैदानी इलाकों में तैनात किया गया।

आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्यमुक्ति
विभागीय अभिलेखों के अनुसार 8 जून तक कई स्थानांतरित वन रक्षक अपने पुराने कार्यस्थलों से कार्यमुक्त नहीं हुए थे। इसके चलते वे नई तैनाती वाले स्थानों पर भी कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके। इसी वजह से डीएफओ को दोबारा आदेश जारी कर संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारियों को निर्देश देना पड़ा कि वे तत्काल कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर नए स्थानों पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।

रेंज अधिकारियों की जवाबदेही भी तय
दूसरे आदेश की खास बात यह है कि इसमें केवल स्थानांतरित कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। डीएफओ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि नए तैनाती स्थल पर पहुंचने वाले कर्मचारियों की सूचना 12 जून तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इससे यह संकेत मिला है कि विभाग अब आदेशों के पालन की नियमित निगरानी भी करेगा।

ज्वाइनिंग नहीं तो वेतन भी नहीं
डीएफओ बी. शिव शंकर ने अपने आदेश में साफ कहा है कि स्थानांतरित वन रक्षक जब तक नए कार्यस्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराएंगे, तब तक जून माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। विभागीय हलकों में इस निर्णय को अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

विभाग में गया स्पष्ट संदेश
वन विभाग के जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल तबादला आदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि विभागीय अनुशासन से भी जुड़ा हुआ है। लगातार दूसरा आदेश जारी होना इस बात का संकेत है कि अब विभाग आदेशों की अनदेखी को हल्के में लेने के पक्ष में नहीं है। डीएफओ का संदेश स्पष्ट है कि जहां तैनाती दी गई है, वहीं कार्यभार ग्रहण करना होगा और विभागीय आदेशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।

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