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नौगढ़ में पूर्व नक्सली की दबंगई, जंगल में कॉलर पकड़कर बोला – यहां काम करेगा तो जान से मार दूंगा

13 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे, वन विभाग का वाचर लाल साहब अपने सहयोगियों असलम, रफीक और लालचंद व अन्य के साथ जयमोंहनी रेंज के लहसिनया बीट में वृक्षारोपण स्थल पर गए थे।
 

जेल से छूटकर आया नक्सली फिर पुराने रंग में

पौधारोपण स्थल पर वाचरों को धमकाया

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बढ़ा दी निगरानी

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में जेल से छूटकर आया पूर्व नक्सली रामेश्वर उर्फ चौबे  फिर से अपने पुराने रंग में नजर आया। इलाके में कराए गए पौधारोपण स्थल की निगरानी कर रहे वाचरों को उसने अचानक भीड़ के साथ घेर लिया। आरोप है कि उसने पहले वाचर का कॉलर पकड़ा, फिर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि  इस तरह की घटनाएं जंगल में काम करने वाले कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ने वाली हैं और समय रहते कार्रवाई जरूरी है।

पौधारोपण स्थल पर हमला और धमकी 

आपको बता दें कि 13 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे, वन विभाग का वाचर लाल साहब अपने सहयोगियों असलम, रफीक और लालचंद व अन्य के साथ जयमोंहनी रेंज के लहसिनया बीट में वृक्षारोपण स्थल पर गए थे। सभी पौधों की थालाबंदी और गिनती का काम कर रही थी। तभी अचानक काफी संख्या में पुरुषों और महिलाओं की भीड़ वहां आ धमकी। भीड़ इतनी आक्रामक थी कि वाचरों के चारों ओर घेरा डालकर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

बताया जा रहा है कि भीड़ के बीच से रामेश्वर उर्फ चौबे निकला। उसने सीधे लाल साहब का कॉलर पकड़ लिया और गाली-गलौज करते हुए कहा – “तुम लोग यहां सरकारी काम करोगे तो जिंदा नहीं बचोगे। अब इस इलाके में सिर्फ मेरी मर्जी चलेगी।” आरोपी के तेवर देखकर मौके पर मौजूद लोग सहम गए और सरकारी कर्मचारियों ने खुद को असुरक्षित महसूस किया।

जान बचाकर भागे वाचर

पूर्व नक्सली की धमकी और भीड़ का दबाव देखकर वाचर और उनके सहयोगी घबरा गए। किसी तरह मौके से निकलकर सभी ने अपनी जान बचाई। लाल साहब ने थाना पुलिस को बताया कि धमकी इतनी गंभीर थी कि उन्हें लगा अब वे जिंदा नहीं बचेंगे। इस घटना ने कर्मचारियों के मन में गहरी दहशत बैठा दी है और लोग अब बिना सुरक्षा के जंगल में जाने से कतरा रहे हैं।

पुलिस डायरी में आरोपी का आपराधिक अतीत

आरोपी रामेश्वर उर्फ चौबे पुत्र स्व. सरजू, निवासी भरदुआ, नौगढ़ में पहले भी नक्सली गतिविधियों में शामिल रह चुका है। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम कई बार सामने आ चुका है। करीब एक दशक पहले उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ साल पहले पहले ही वह रिहा होकर बाहर आया और अब दोबारा इलाके में दबंगई करने लगा है। उसकी पहचान हमेशा से एक  आक्रामक और हिंसक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति की रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि वह लगातार गोलबंदी करके प्रशासन को अस्थिर करने की चाल चल रहा है। यही वजह है कि उसकी धमकियों से जंगल विभाग के कर्मचारी भी डरे-सहमे रहते हैं। लोग मानते हैं कि अगर समय रहते  कार्रवाई नहीं हुई तो यह व्यक्ति फिर से पुराने नक्सली नेटवर्क को सक्रिय कर सकता है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की सख्ती 

वाचर लाल साहब ने थाना नौगढ़ पहुंचकर घटना की तहरीर दी। पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया। लोगों को उम्मीद है कि अब आरोपी पर जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा। थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि 
“वाचर की तहरीर पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पर कड़ी कार्रवाई होगी। राजकीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों को धमकाने की कोशिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

पूर्व नक्सलियों पर ‌निगरानी कड़ी, पुलिस चौकन्नी

नक्सली की इस दबंगई के बाद पुलिस ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। आरोपी और जेल से छूट कर आए सभी नक्सलियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। खुफिया तंत्र को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि उसकी हर हलचल पर पैनी नजर रखी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को तुरंत कुचल दिया जाएगा।‌

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