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SP साहब देखिए वीडियो.. नौगढ़ में खुलेआम हो रही है गुंडई, दरोगा जी सुलह करने का बना रहे हैं दबाव

महिला प्रधान, उसका बेटा और परिवार के लोग मिलकर एक गरीब परिवार की मां-बेटी को खेत में घसीटते हुए ले गए और बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी ग्रामीणों के मोबाइल कैमरे में कैद हो गया है...
 

महिला प्रधान और बेटे ने गरीब परिवार पर किया हमला

कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा लिया था मारने को

परिवार को दे रहे हैं जान से मारने की धमकी

तहरीर के बाद भी पुलिस ने नहीं लिखा मुकदमा

उल्टा पीड़ितों पर थाने में ‘सुलह’ का दबाव

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में उदितपुर सुर्रा के लोहसनिया क्षेत्र में  पंचायत की महिला प्रधान पुष्पा कोल और उसके बेटे पिंटू कोल पर गरीब परिवार पर हमला करवाने का गंभीर आरोप लगा है। तड़के सुबह जंगल की जमीन के बंटवारे को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। महिला प्रधान, उसका बेटा और परिवार के लोग मिलकर एक गरीब परिवार की मां-बेटी को खेत में घसीटते हुए ले गए और बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी ग्रामीणों के मोबाइल कैमरे में कैद हो गया, जिसे सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किया जा रहा है। घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है, लोग प्रधान की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। सुरक्षा देने वाली मुखिया ही जब खुद हमलावर बन जाए तो गरीब किसके पास जाएगा ?


 

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थाना नौगढ़ में तहरीर देकर पीड़िता संगीता देवी पत्नी परमहंस ने बताया कि महिला प्रधान और उसका बेटा पिंटू  गिरोह बनाकर उनके खेत में लगी झोपड़ी को तोड़ने पहुंच गए। विरोध करने पर मां-बेटी को पकड़कर खेत में घसीटते हुए ले जाया गया और बुरी तरह पीटा गया। पीड़िता ने कहा कि हमलावरों ने उन्हें जातिसूचक गालियां भी दीं और धमकाने के लिए कुल्हाड़ी लहराई। घटना के दौरान संगीता और उनकी बेटी दोनों को गंभीर चोटें आईं, लेकिन हमलावर लगातार धमकी देते रहे कि यदि दोबारा विरोध किया तो और बड़ी घटना कर देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि महिला प्रधान और उसके मनबढ़ समर्थक लंबे समय से क्षेत्र में दबंगई कर रहे हैं और गरीब परिवार इसी डर से आवाज नहीं उठा पा रहे।

थाने पहुंचीं तो पुलिस ने FIR की जगह धमकाया, समझौता करने का दबाव 

पीड़ित परिवार ने हरियाबांध चौकी इंचार्ज अजय कुमार को लिखित तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि तहरीर लेने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई। संगीता ने बताया कि पुलिस ने उल्टा उन्हें ही समझौता करने का दबाव दिया और कहा कि मामला बढ़ाओ मत, वरना तुम लोग ही फंस जाओगे। पीड़िता का कहना है कि जब हम खुद मार खाकर न्याय मांगने पुलिस के पास पहुंचे तो हमें ही धमकाया गया, जिससे अब परिवार में भारी डर है। ग्रामीण भी मानते हैं कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण ही महिला प्रधान और उसका बेटा खुले आम गुंडागर्दी कर रहा है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार अपने घर में डरा-सहमा बैठा है और किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जता रहा है।

पुलिस केवल ‘शांति व्यवस्था’ की बात कर रही, कार्रवाई नहीं 

नौगढ़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि घटना की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर भेजा गया, मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। लेकिन पीड़ितों का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बावजूद महिला प्रधान और उसके बेटे पर न तो कोई मुकदमा लिखा गया और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो गांव में कानून-व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा क्योंकि प्रधान के परिवार की दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या गरीब परिवार का दर्द सिर्फ वीडियो वायरल होने तक ही दिखाई देता है? प्रशासन से मांग की जा रही है कि तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।

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