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CM पोर्टल पर चंदौली की अनोखी शिकायत, 2 साल से घर में रह रही बंदरिया गायब होने पर महिला ने मांगी मदद

चंदौली के नौगढ़ में 2 साल से परिवार की तरह रह रही बंदरिया के गायब होने पर महिला ने CM पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। बंदरिया को पीटकर बोरे में फेंकने का आरोप है, जिसके बाद वन विभाग हरकत में आ गया है।

 
 

नौगढ़ के मरवटिया गांव से आई अनोखी शिकायत

दो साल से परिवार की सदस्य बनी थी बंदरिया

बंदरिया को बोरे में भरकर फेंकने का गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज हुई लिखित शिकायत

वन विभाग ने शुरू की मामले की जांच

 चंदौली जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा मामला सामने आया है। आमतौर पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (IGRS) पर लोग बंदरों के आतंक, फसल की बर्बादी या उन्हें पकड़वाने की शिकायत करते हैं। लेकिन इस बार नौगढ़ तहसील के मरवटिया गांव से एक महिला ने अपनी 'पालतू' बंदरिया के गायब होने की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से की है।

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2 साल से परिवार का हिस्सा बनी थी बंदरिया
शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि करीब दो साल पहले एक बंदरिया उनके घर आई थी। परिवार के लोगों ने उसे बड़े प्यार से खाना-पानी दिया, जिसके बाद वह उनके परिवार के एक सदस्य की तरह रहने लगी। लेकिन 22 जून 2026 को गांव के ही कुछ लोगों ने उस बंदरिया को पकड़ लिया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और उसे बोरे में भरकर कहीं दूर फेंक दिया गया।

महिला ने मांगी मदद, वन विभाग में मचा हड़कंप
घटना के बाद से ही बंदरिया का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परेशान होकर महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत संख्या 40019626012488 दर्ज कराई है। महिला ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपनी बंदरिया को ढूंढकर वापस दिलाने की मांग की है। अब यह मामला पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को जांच के लिए सौंपा गया है, जहां 7 अगस्त 2026 तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों के लिए भी पहला ऐसा मामला
नौगढ़ के वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग के पास अक्सर बंदरों के उत्पात से जुड़ी शिकायतें आती हैं, जिनके समाधान के लिए पिंजरे भी लगाए जाते हैं। हालांकि, किसी घर में रह रही बंदरिया के लापता होने और उसे बोरे में बंद करके फेंकने की ऐसी शिकायत पहली बार मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि मामले की पूरी जांच कर नियमानुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत हो सकती है कार्रवाई
आपको बता दें कि बंदर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत एक संरक्षित प्राणी की श्रेणी में आते हैं। यदि जांच में यह सच साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर बंदरिया के साथ मारपीट की है या उसे अवैध रूप से पकड़कर कहीं फेंका है, तो यह एक गंभीर अपराध माना जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में यह अनोखी शिकायत अधिकारियों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

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