मिशन शक्ति 2025 : नौगढ़ कॉलेज में महिला उद्यमियों की सफलता से छात्रों में नई ऊर्जा
नौगढ़ राजकीय महाविद्यालय में मिशन शक्ति का आगाज़
महिला उद्यमियों की कहानियों से छात्रों में भरा जोश
‘डर तोड़ो और निर्णय लो’— प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार
नौगढ़ कॉलेज में गूँजी नई पुकार
चंदौली जिले के राजकीय महाविद्यालय नौगढ़ में शनिवार को मिशन शक्ति फेज 5.0 के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने छात्र-छात्राओं की सोच को एक नई दिशा दी। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण था प्रोजेक्टर पर दिखाई गई सफल महिला उद्यमियों की सच्ची कहानियाँ। फाल्गुनी नायर, कल्पना सरोज, रिचा कर और किरण मजूमदार जैसी शीर्ष महिला उद्यमियों की संघर्ष और सफलता की यात्राओं ने सभागार में उपस्थित किशोर मन में यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुँचाया कि अगर ये महिलाएँ गरीबी और समाज की बंदिशों को तोड़कर शिखर तक पहुँच सकती हैं, तो वे क्यों नहीं? पूरे सभागार में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
प्राचार्य का दमदार प्रेरणादायक संदेश
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने अपने उद्बोधन से छात्रों में प्रेरक ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने सिर्फ इन महिलाओं की कहानियाँ सुनाई नहीं, बल्कि उनके संघर्ष की भावना को छात्रों तक पहुँचाया। डॉ. राजेश कुमार ने छात्राओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “डर तोड़ो, निर्णय लो और अपनी राह खुद बनाओ!” उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि जीवन दूसरों के सहारे नहीं, बल्कि खुद की हिम्मत से बदलता है। उन्होंने छात्रों को अपनी प्रतिभा पहचानने और डर को कुचल कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगाँठ पर संकल्प
प्राचार्य ने इस अवसर पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर सभी छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल इतिहास को याद करने का नहीं है, बल्कि अपने भीतर की शक्ति और मातृभूमि के प्रति कर्तव्य को जगाने का दिन है। उन्होंने गर्जना करते हुए कहा, “जिस मातृभूमि ने हमें वंदे मातरम् दिया, वह हमसे सिर्फ एक उम्मीद करती है—हम अपने सपनों को ज़िंदा रखें और अपने कार्य में दम दिखाएँ।” इस संबोधन से पूरे वातावरण में रोमांच और जोश भर गया।
परिवर्तन का आंदोलन बना मिशन शक्ति
प्रोजेक्टर पर दिखाई गई कहानियों ने छात्रों को यह स्पष्ट कर दिया कि बड़े सपने देखने के लिए असफलता और संघर्ष का सामना करना पड़ता है, लेकिन जीत उसी की होती है जो टूटने की बजाय डटकर मुकाबला करता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृष्ण कुमार ने किया, जिन्होंने इसे मात्र औपचारिकता न मानते हुए मिशन शक्ति को परिवर्तन का आंदोलन बताया। उन्होंने छात्रों को यह महसूस कराया कि जो आज मजबूत खड़े होंगे, वही कल देश का नेतृत्व संभालेंगे। कार्यक्रम में मनीष राज बावरे, महेंद्र केशरी, श्री कट्टर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*






