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नौगढ़ में आर-पार की जंग: वन विभाग के खिलाफ माले का आज 'लाठी मार्च', प्रशासन हाई अलर्ट पर

वन विभाग द्वारा वनवासियों के उत्पीड़न और भू-माफियाओं को कथित संरक्षण देने के विरोध में आज नौगढ़ में भाकपा (माले) लाठी मार्च निकालेगी। फसलों की बर्बादी और पुश्तैनी जमीन से बेदखली के खिलाफ यह बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगा।

 

नौगढ़ रेंज कार्यालय पर विशाल लाठी मार्च

वन विभाग के दोहरे चरित्र के खिलाफ आक्रोश

गरीब वनवासियों की उजाड़ी गई फसलें

भू-माफियाओं पर कार्रवाई की प्रमुख मांग

चंदौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र में आज राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी चरम पर रहने वाली है। वन विभाग द्वारा वनवासियों के कथित उत्पीड़न और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा (माले) ने आज, 9 जनवरी को 'लाठी मार्च' का ऐलान किया है। यह मार्च दुर्गा मंदिर पोखरे से शुरू होकर नौगढ़ रेंज कार्यालय तक जाएगा। इस आंदोलन को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

भूख हड़ताल के बाद भी नहीं बदला विभाग का रवैया
भाकपा (माले) के नेताओं का आरोप है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर बीते दिसंबर माह में एसडीएम कार्यालय के समक्ष 48 घंटे की भूख हड़ताल की थी। उस समय प्रशासन को चेतावनी दी गई थी कि वन विभाग वनवासियों के प्रति अपने दोहरे मापदंड बंद करे। पार्टी का कहना है कि विभाग एक तरफ तो बड़े वन-भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहा है, वहीं दूसरी ओर पुश्तैनी जमीन पर खेती करने वाले गरीब, दलित और आदिवासियों को निशाना बनाया जा रहा है। चेतावनी के बावजूद सुधार न होने पर अब पार्टी ने सड़कों पर उतरने का फैसला किया है।

फसलों को रौंदकर झोपड़ियां गिराने का गंभीर आरोप
आंदोलनकारियों का मुख्य आक्रोश वन विभाग की हालिया कार्रवाइयों को लेकर है। आरोप है कि विभाग ने रोटावेटर चलाकर गरीबों की सरसों और गेहूं की लहलहाती फसलों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही कई स्थानों पर पुश्तैनी जमीनों पर जबरन गड्ढे खोद दिए गए और वनवासियों की झोपड़ियां व कच्चे मकानों को भी गिराने की शिकायतें सामने आई हैं। भाकपा (माले) ने इसे संविधान विरोधी और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है। पार्टी के राज्य स्थायी समिति सदस्य कामरेड अनिल पासवान इस लाठी मार्च का नेतृत्व करेंगे, जिसमें महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी होने की संभावना है।

भविष्य के आंदोलन की चेतावनी
लाठी मार्च के रेंज कार्यालय पहुंचने के बाद वहां एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। सभा के समापन पर डीएफओ (DFO) को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें पुश्तैनी भूमि की सुरक्षा, बेदखली पर रोक और भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। नौगढ़ प्रभारी कामरेड पतालू गोंड ने साफ कर दिया है कि यदि विभाग ने अपना दमनात्मक रवैया नहीं बदला, तो यह संघर्ष आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप लेगा। फिलहाल, पूरे कस्बे में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रशासन प्रदर्शनकारियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

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