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अमदहां गांव की नहर में मगरमच्छ की मौत, कई दिनों से रेस्क्यू में जुटी वन विभाग की टीम ने बाहर निकाला

चंदौली के नौगढ़ स्थित अमदहां गांव की नहर में एक मगरमच्छ मृत पाया गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को बाहर निकाला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मगरमच्छ की मौत का कारण अधिक उम्र होना बताया गया है।

 
 

नौगढ़ के अमदहां गांव में मिला मृत मगरमच्छ

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम

रस्सी के सहारे नहर से निकाला गया शव

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई मौत की वजह

कई दिनों से इलाके में देखा जा रहा था मगरमच्छ

 चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र स्थित अमदहां गांव में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने काली माता मंदिर के पास स्थित नहर में एक मगरमच्छ को मृत अवस्था में देखा। पानी में मगरमच्छ का शव तैरता देखकर देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से रस्सी के सहारे मृत मगरमच्छ को किसी तरह नहर से बाहर निकाला। इसके बाद शव को वाहन में लादकर पशु अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका पोस्टमार्टम कराया गया।

अधिक उम्र बनी मगरमच्छ की मौत का कारण
मामले की जानकारी देते हुए रेंजर अमित श्रीवास्तव ने बताया कि मगरमच्छ की मौत नहर के पानी में ही हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ है कि मगरमच्छ की मौत अधिक उम्र (प्राकृतिक कारणों) की वजह से हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वन विभाग की टीम इस मामले में आगे की जरूरी जांच कर रही है।

कई दिनों से बना हुआ था डर का माहौल
ग्रामीणों के मुताबिक, यह मगरमच्छ बीते सोमवार से ही अमदहां गांव के काली माता मंदिर के पास नहर में लगातार देखा जा रहा था। कई बार वह नहर के पानी से निकलकर आसपास के खेतों की तरफ भी चला आता था, जिससे किसानों और छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गांव में डर का माहौल बना हुआ था।

वन विभाग की टीम पिछले कुछ दिनों से मगरमच्छ को पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, मगरमच्छ के बार-बार गहरे पानी में चले जाने के कारण रेस्क्यू अभियान पूरा नहीं हो पा रहा था।
यह घटना जयमोहनी रेंज में सुबह गश्त के दौरान सामने आई। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि वन विभाग की टीम नरकटी जंगल की ओर से गश्त कर लौट रही थी, तभी अमदहां गांव में नहर के पास सड़क पर मगरमच्छ पड़ा मिला।

वन दरोगा वीरेन्द्र पाण्डे, वनरक्षक धरमबीर, भोला यादव और अन्य स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने मगरमच्छ में कोई हरकत न देखकर उसकी मृत्यु की आशंका जताई। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को कब्जे में लेकर पशु चिकित्सालय, नौगढ़ पहुंचाया।

रेंजर अमित श्रीवास्तव ने तत्काल प्रभागीय वनाधिकारी, काशी वन्य जीव प्रभाग, रामनगर को इसकी सूचना दी। प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, चंदौली ने तीन सदस्यीय चिकित्सकों का पैनल गठित किया। इस पैनल में डॉ. कमलेश, डॉ. रवीन्द्र और अन्य सहयोगी पशु चिकित्सक शामिल थे, जिन्होंने जयमोहनी रेंज परिसर में मगरमच्छ का पोस्टमार्टम किया।

पोस्टमार्टम के उपरांत वन विभाग की टीम ने चिता सजाकर पूरे सम्मान के साथ मगरमच्छ का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान जयमोहनी रेंज के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

ग्रामीणों में दिखी मिली-जुली प्रतिक्रिया
मगरमच्छ की मौत के बाद गांव में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां ग्रामीणों ने डर और चिंता का माहौल खत्म होने पर राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों ने एक बेजुबान वन्यजीव के खत्म होने पर दुख भी जताया है।

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