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नौगढ़ की बाघी पंचायत में बंद कमरे में नहीं, आम के बगीचे में लगेगी 'आवास की जन पंचायत'; प्रधान रखेंगी 360 घरों की लिस्ट

चन्दौली के नौगढ़ अंतर्गत बाघी ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के 360 लाभार्थियों के चयन के लिए 18 जून को आम के बगीचे में खुली 'जन पंचायत' होगी। महिला प्रधान नीलम ओहरी की इस पारदर्शी पहल से अपात्रों में हड़कंप है।

 
 

नौगढ़ में आवास की जन पंचायत

आम के बगीचे में खुला फैसला

प्रधान नीलम ओहरी की अनोखी पहल

तीन सौ साठ आवासों की जांच

अट्ठारह जून को होगी खुली सुनवाई

चंदौली जिले के विकासखंड नौगढ़ की ग्राम पंचायत बाघी से ग्रामीण विकास और पारदर्शिता की एक बेहद शानदार व अनोखी तस्वीर सामने आई है। जहाँ आमतौर पर सरकारी योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) की सूचियों को लेकर अधिकारियों और प्रधानों पर साठगांठ व पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं, वहीं बाघी की महिला ग्राम प्रधान नीलम ओहरी ने इस व्यवस्था को बदलने का साहस दिखाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि आवास के दावेदारों की अंतिम पड़ताल किसी चार दीवारी या बंद कमरे के भीतर नहीं, बल्कि पूरे गाँव की मौजूदगी में एक खुले आम के बगीचे में की जाएगी।

18 जून को लगेगी 'जनता की अदालत', मौके पर ही दर्ज होगी आपत्ति
आगामी 18 जून को होने वाली इस विशेष बैठक को पूरे क्षेत्र में “आवास की जन पंचायत” के रूप में देखा जा रहा है। ग्राम प्रधान नीलम ओहरी का मानना है कि प्रधानमंत्री आवास सिर्फ और सिर्फ गरीबों का संवैधानिक अधिकार है, यह किसी की राजनीतिक सिफारिश, पैरवी या प्रभाव का परिणाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि पंचायत भवन में जगह सीमित होने के कारण इस महत्वपूर्ण बैठक को खुले बगीचे में स्थानांतरित किया गया है, ताकि गाँव का हर छोटा-बड़ा नागरिक बिना किसी झिझक के वहाँ पहुँच सके और अपनी बात रख सके। प्रधान इस बैठक में 360 प्रस्तावित लाभार्थियों की पूरी सूची जनता के सामने पढ़ेंगी।

सिफारिशियों में हड़कंप, पारदर्शिता की बनेगी नई मिसाल
इस खुली पंचायत में यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में पाया जाता है, या फिर कोई बेहद गरीब और असली पात्र व्यक्ति छूट गया है, तो ग्रामीण मौके पर ही खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इस साहसिक कदम से उन लोगों में हड़कंप मच गया है जो गलत तरीके से योजना का लाभ लेने की फिराक में थे। गाँव के लोग अब सीधे इस सूची की समीक्षा करेंगे, जिससे चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बन जाएगी। यही कारण है कि इस बैठक को महज एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि गरीबों के हक की खुली कानूनी सुनवाई माना जा रहा है।

राजनीति से ऊपर उठकर मिसाल पेश करेगी बाघी पंचायत
सामाजिक और राजनैतिक दृष्टि से इस जन पंचायत को एक बड़े प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है। यदि ग्रामीणों की सामूहिक राय के आधार पर यह अंतिम सूची बिना किसी भेदभाव के तैयार हो जाती है, तो यह चन्दौली जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी भ्रष्टाचार मुक्ति की एक नजीर (उदाहरण) बनेगी। फिलहाल, अब पूरे नौगढ़ क्षेत्र की निगाहें 18 जून की तारीख पर टिकी हुई हैं, जब आम के बगीचे में जुटने वाली ग्रामीणों की भारी भीड़ खुद तय करेगी कि इस बार प्रधानमंत्री आवास का असली हकदार कौन है।

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