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नौगढ़ का भैंसौड़ा गांव में मौत का कुआं: नाली में नुकीले सरिये छोड़कर भागा ठेकेदार, एक साल से नहीं जागा जिला पंचायत विभाग

चंदौली के भैंसौड़ा गांव में जिला पंचायत की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ एक साल से नाली का काम अधूरा पड़ा है। खुले में छूटे नुकीले सरिये और गहरे गड्ढे राहगीरों और बच्चों के लिए काल बन चुके हैं।

 

भैंसौड़ा गांव में अधूरा नाली निर्माण

खुले नुकीले सरिये बढ़ा रहे खतरा

एक साल से काम बंद पड़ा

कई बच्चे और बुजुर्ग हुए चोटिल

समाधान दिवस में भी नहीं हुई सुनवाई

चंदौली जिला पंचायत और उससे जुड़े अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही नौगढ़ क्षेत्र के भैंसौड़ा गांव को मौत के मुहाने पर ले आई है। यहाँ जिला पंचायत की ओर से बनाई जा रही एक नाली पिछले एक साल से अधूरी छोड़ दी गई है। ठेकेदार नाली के लिए लोहे के नुकीले सरिये खड़े करके गायब हो गया है। अब ये खुले हुए सरिये और गहरा गड्ढा राहगीरों, खासकर छोटे बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं।

साहेमू के घर से नेहालू के घर तक आफत का रास्ता
आपको बता दें कि जिला पंचायत चंदौली के जरिए भैंसौड़ा गांव में साहेमू के घर से लेकर नेहालू के घर तक नाली का निर्माण शुरू कराया गया था। करीब एक साल पहले ठेकेदार ने शुरुआती खुदाई की और दीवार खड़ी करने के लिए लोहे के पिलर खड़े किए। लेकिन इसके बाद काम को अचानक भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। आज स्थिति यह है कि इसी रास्ते से रोज स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग जान हथेली पर रखकर गुजरते हैं।

कई लोग हो चुके हैं घायल, बारिश में बढ़ता है डर
गांव के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ अधूरा काम नहीं, बल्कि गांव वालों की जान से खिलवाड़ है। बदरुद्दीन, अखलाक, शहंशाह और रहीमुद्दीन जैसे ग्रामीणों ने बताया कि अब तक कई बच्चे और बुजुर्ग इस गहरे गड्ढे और सरियों की चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। उन्हें अस्पताल ले जाकर इलाज कराना पड़ा है। आने वाले समय में जब बारिश का पानी इस गड्ढे में भरेगा, तब यह नुकीले सरिये दिखाई नहीं देंगे और खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।

समाधान दिवस की शिकायतें भी हुईं बेअसर
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और इंजीनियरों के चक्कर काटे हैं। मामला ब्लॉक के समाधान दिवस से लेकर जिले के संपूर्ण समाधान दिवस तक पहुँचा, लेकिन अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। कागजों पर तो कार्रवाई की बातें की जाती हैं, लेकिन आज तक जमीन पर हालात देखने कोई भी बड़ा अधिकारी भैंसौड़ा गांव नहीं पहुँचा।

प्रधान प्रतिनिधि लाल मोहम्मद ने जताई बड़े हादसे की आशंका
इस मामले पर प्रधान प्रतिनिधि लाल मोहम्मद ने साफ कहा कि लगभग एक साल से यह काम रुका पड़ा है। हमने कई बार अधिकारियों का ध्यान इस तरफ खींचने की कोशिश की, ताकि ग्रामीणों को इस परेशानी से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस नाली का निर्माण पूरा नहीं किया गया, तो यहाँ किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और ठेकेदार की होगी।

जनता का बड़ा सवाल: क्या किसी की जान का इंतजार है?
भैंसौड़ा गांव की यह अधूरी नाली अब सरकारी दावों और कार्यप्रणाली की पोल खोल रही है। जब जनता बार-बार गुहार लगा रही है, तब भी अधिकारी आँखें मूँदकर बैठे हैं। गांव में अब यही चर्चा है कि अगर किसी मासूम बच्चे के साथ कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? वह ठेकेदार जो काम छोड़कर भाग गया, वह विभाग जो सो रहा है, या फिर वह पूरा सिस्टम जो सिर्फ तमाशा देख रहा है?

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