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नौगढ़ क्लस्टर आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा? कागजों में 65 पर काम, मौके पर पीली ईंट देखकर गुस्सा गए CDO साहब

चंदौली के नौगढ़ में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे क्लस्टर आवासों के निरीक्षण में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। विभागीय दावों के विपरीत मौके पर काम बंद और घटिया ईंटें देखकर सीडीओ ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।

 
 

113 स्वीकृत आवासों में मिली गड़बड़ी

घटिया पीली ईंटों पर भड़के सीडीओ

जुलाई तक काम शुरू करने का अल्टीमेटम

50 भूमिहीन पात्रों पर मांगा जवाब

मुख्यमंत्री आवास योजना पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री आवास योजना की जमीनी हकीकत पर तहसील नौगढ़ में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को जब मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर. जगत साईं अचानक नौगढ़ की मझगावां ग्राम पंचायत में बन रहे क्लस्टर आवासों का मुआयना करने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। सरकारी फाइलों में तो बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे कि स्वीकृत 113 आवासों में से 65 पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन हकीकत में अधिकांश निर्माण स्थलों पर सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ मिला।

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सीडीओ बोले- जब हम आते हैं तभी क्यों दिखता है काम?
सीडीओ के औचक निरीक्षण के दौरान गिनती के 8 से 10 आवासों पर ही कुछ मजदूर काम करते हुए नजर आए, बाकी जगह सूनी पड़ी थी। इस सुस्ती को देखकर सीडीओ का पारा चढ़ गया। निर्माण स्थल पर खराब और घटिया दर्जे की पीली ईंटें देखकर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से तीखे लहजे में कहा, "ऐसा लगता है कि जब हम निरीक्षण पर आते हैं, तभी काम शुरू किया जाता है, बाकी के दिनों में यहाँ सिर्फ सन्नाटा रहता है।" उनकी यह टिप्पणी साफ बताती है कि जिम्मेदार अधिकारी इस योजना की मॉनिटरिंग में कितनी लापरवाही बरत रहे हैं।

लापरवाह अधिकारियों से मांगा गया जवाब
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सीडीओ ने मौके पर मौजूद बीडीओ राकेश सिंह, डीसीडो मनरेगा चतुर्वेदी और पीडी पीके सिंह को आड़े हाथों लिया और उनसे तुरंत जवाब तलब किया। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में तुरंत तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया कि जुलाई महीने के अंत तक हर हाल में सभी स्वीकृत किए गए आवासों पर काम शुरू हो जाना चाहिए। इसमें किसी भी तरह का बहाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गरीबों के हक से समझौता मंजूर नहीं
सीडीओ आर. जगत साईं ने साफ किया कि मुख्यमंत्री आवास योजना सीधे तौर पर गरीब और बेसहारा परिवारों के मान-सम्मान और उनकी सुरक्षा से जुड़ी हुई है। इसलिए, मकान बनाने की सामग्री की क्वालिटी और तय मानकों से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि हर आवास परिसर को व्यवस्थित बनाने के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण और पौधारोपण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि यह एक सुंदर आवासीय कॉलोनी बन सके।

50 भूमिहीन पात्रों की लिस्ट पर तीन दिन का समय
इस निरीक्षण के दौरान एक और बड़ा मामला सामने आया। गांव के करीब 50 ऐसे गरीब परिवार हैं जो भूमिहीन हैं और आवास के असली हकदार हैं, लेकिन उनका नाम अब तक सूची से बाहर है। सीडीओ ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीन दिन के भीतर इन सभी पात्र लाभार्थियों की सूची बनाकर उनके सामने पेश की जाए। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुजीत सिंह उर्फ सुड्डू, एडीओ पंचायत उपेंद्र कुमार साहनी और प्रधान प्रतिनिधि ईश्वर कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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