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नौगढ़ में न SDO-न JE और एक ट्रॉली के भरोसे 4 फीडर, बहाने बनाकर प्राइवेट कर्मचारी जमकर काटते हैं बिजली

चंदौली के नौगढ़ में बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। एक ट्रॉली के सहारे चार फीडर चलने से दिनभर अघोषित कटौती जारी है। परमानेंट स्टाफ के अभाव और जिम्मेदारों की चुप्पी ने उपभोक्ताओं का जीना मुहाल कर दिया है। जानिए क्या है पूरी हकीकत।

 
 

एक ट्रॉली के सहारे चार फीडर

चार महीने से बदहाल विद्युत उपकेंद्र

प्राइवेट लोगों के भरोसे बिजली सप्लाई

भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती

विभागीय अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। भीषण गर्मी और उमस के बीच क्षेत्रीय जनता बिजली विभाग की घोर लापरवाही का दंश झेल रही है। नौगढ़ विद्युत उपकेंद्र की हालत पिछले चार महीनों से जर्जर बनी हुई है, लेकिन विभागीय उच्चाधिकारी शिकायतों के बाद भी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।

 एक ट्रॉली के भरोसे चार फीडर, मनमानी बिजली कटौती
नौगढ़ उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले अमदहां, टाउन, रिठीया और भैसौड़ा फीडर वर्तमान में केवल एक ही ट्रॉली के सहारे संचालित किए जा रहे हैं। उपकेंद्र की अधिकांश ट्रॉलियां पिछले 4 महीनों से तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़ी हैं। तकनीकी स्थिति यह है कि यदि किसी एक फीडर में मामूली सा फॉल्ट आता है, तो सुरक्षा के लिहाज से सभी चारों फीडरों की सप्लाई बंद करनी पड़ती है। यही कारण है कि क्षेत्र में दिनभर बिजली की लुका-छिपी और अघोषित कटौती का खेल चलता रहता है।

पावर हाउस पर नियमित कर्मचारियों का अकाल
नौगढ़ जैसे महत्वपूर्ण तहसील क्षेत्र में नियमित बिजली कर्मचारियों की भारी कमी है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ कोई स्थायी जेई (JE) तैनात नहीं है। वर्तमान में यहाँ का प्रभार चकिया के जेई को सौंपा गया है, जो शायद ही कभी उपकेंद्र पर नजर आते हों। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले यहाँ तैनात रहे तीन एसएसओ (SSO) को भी धीरे-धीरे हटा दिया गया है।

प्राइवेट हाथों में पूरे पॉवर हाउस की सुरक्षा
वर्तमान में उपकेंद्र की पूरी व्यवस्था निजी (प्राइवेट) लोगों के भरोसे छोड़ दी गई है। तकनीकी कार्य भी बिना किसी विशेषज्ञ की देखरेख के इन्हीं लोगों द्वारा किए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़े हादसे या शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि "हम अपनी जान जोखिम में डालकर इन अव्यवस्थाओं के बीच रहने को मजबूर हैं।"

ऐसा है बड़े अधिकारियों  रवैया
विद्युत उपभोक्ताओं ने इस बदहाली को लेकर एसडीओ (SDO) और अधिशासी अभियंता से कई बार लिखित व मौखिक शिकायत की है। जब इस मामले में 'चंदौली समाचार' ने सुबह 9:15 बजे अधिशासी अभियंता (EXEN) चंदौली से संपर्क किया, तो उन्होंने बेहद औपचारिक जवाब देते हुए कहा कि “एसडीओ से बात करते हैं।” यह सवाल खड़ा होता है कि जो समस्या चार महीने से विकराल रूप ले चुकी है, उस पर अधिकारी अब तक "सिर्फ बात" ही क्यों कर रहे हैं? जनता अब यह पूछ रही है कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े जनआक्रोश या दुर्घटना के बाद ही कार्रवाई करेगा?

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